खेल दिवस के अवसर पर कुदारन गांव में शनिवार को परंपरागत खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण युवा मंच और बाल श्रम विरोधी अभियान के अंतर्गत मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की तरफ से किया गया। इसमें पत्थर खनन से जुड़े डेढ़ सौ बच्चों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरिता तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि खेल का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। आज के दौर में बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं, जिसका निदान खेल से हो पाना संभव है। खेल के प्रति भावना का होना जीवन का आवश्यक पहलू है। खेल टीम भावना विकसित करने, शरीर को स्वस्थ रखने, मस्तिष्क को विकसित करने, आगे बढ़ने आदि के लिए हमें प्रेरणा प्रदान करता है। ग्राम प्रधान शिवकुमार ने कहा कि गांव स्तर पर खेल का आयोजन होने से बच्चों में आत्मविश्वास की क्षमता विकसित होती है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा तथा खिलाड़ी के तौर पर उनका मानसिक विकास होता है। ग्रामीण युवा मंच के संयोजक धर्मेंद्र ने कहा कि विश्व खेल दिवस पर खेलो का आयोजन पूरी दुनिया में किया जाता है। खेल महोत्सव में छातो, फुलवरिया, हिनौता, मानिकपुर, कंचनपुर, डकही, रतीगढ़, बगहिया, मदाचक, खेमईपुर , रझौली, कुदारन व मीरापुर के बच्चे शामिल हुए। संचालन राजन कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजकुमार कुशवाहा ने किया।