मिर्जापुर। नए साल के पहले ही दिन बुधवार को हरना की गली में रात में घर लौट रहे सपा कार्यकर्ता की विरोधी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिव मंदिर के पास कुल्हाड़ी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ सिर पर वार किया गया। इससे पूरी गली में खून फैल गया। मांस के लोथड़े बिखर गए। शोर सुनकर परिजन पहुंचे और सपा कार्यकर्ता को अस्पताल ले गए। जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, पुलिस हत्या की घटना के काफी देर बाद सक्रिय हुई। पिता ने छेड़खानी का विरोध करने को हत्या की वजह बताया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पहले तीन लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। बाद में विरोध होने पर देर शाम हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात कह रही है। सपा के युवा कार्यकर्ता प्रियांशु ओझा (22) स्वामी दयानंद मार्ग स्थित एक आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करते थे। वे दो भाइयों में छोटे थे। व बुधवार की रात अपने घर हरना की गली से लौट रहे थे। गली में पहले उनके विरोधी निलेश कुमार कसेरा का मकान है। निलेश अपने घर के पास प्रियांशु ओझा को रोककर शिव मंदिर से सटी गली में ले गया। वहां अपने साथियों के साथ हमला कर दिया। प्रियांशु के सिर में ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से कई वार किए गए। साथियों ने लाठी-डंडे से उसके पैर पर मारा। सिर पर कुल्हाड़ी से हमले के कारण गली में खून फैल गया। प्रियांशु का पैर भी टूट गया। शोर सुनकर परिजन दौड़े, तब तक आरोपी हमला कर भाग चुके थे। प्रियांशु को इलाज के लिए ट्राॅमा सेंटर मिर्जापुर पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत होने पर परिजन रोने-बिलखने लगे। युवक की मौत होने के बाद तक अस्पताल में कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। परिजनों ने जब सूचना दी तब कटरा कोतवाली पुलिस पहुंची। इसके बाद एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने पहुंच कर जांच पड़ताल की।
प्रियांशु के पिता सुरेश चंद्र ओझा की तहरीर पर पुलिस ने निलेश कुमार, गुलशन कुमार और सोनू उर्फ अनुराग सिंह पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। शाम को परिजनाें द्वारा विरोध किए जाने पर पुलिस ने हत्या की धारा बढ़ाई। पिता सुरेश चंद्र ने आरोप लगाया कि पुत्र ने छेड़खानी का विरोध किया था। इसी की खुन्नस में निलेश ने साथियों के साथ हत्या की है। उधर, जिस निलेश पर हत्या का आरोप लगाया गया है, उसके घर में सीसी कैमरे लगे थे। आरोप है कि उसने अपने घर के पास ही हत्या की घटना को अंजाम दिया। सीसी कैमरे में हमले की पूरी रिकार्डिंग थी, परंतु बताया जा रहा है कि घर पर सीसी कैमरे का डीबीआर नहीं है। प्रियांशु के परिजनों का आरोप है कि फरार निलेश साक्ष्य मिटाने के लिए डीबीआर उठा ले गया है।
एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह का कहना है कि दो पक्षों में मारपीट हुई। प्रियांशु ओझा सिर पर गंभीर चोट लगने से घायल हो गया। परिजन अस्पताल ले गए। वहां से रेफर कर दिया गया। वाराणसी के बीएचयू रेफर होने पर रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रियांशु के पिता की तहरीर पर तीन आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि के आधार पर हत्या की धारा बढ़ाई गई। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उधर, सपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है कि यूपी में जंगलराज चरम पर है। मिर्जापुर में सपा कार्यकर्ता की हत्या की घटना दुखद है। सत्ता के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस नाकाम है। आरोपियों को जल्द से जल्द पुलिस गिरफ्तार करे। आरोपियों को कठोर सजा मिले। उधर, सपा के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के साथ प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन सीओ ट्रेनी शिखा भारती को सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा कार्यकर्ता प्रियांशु ओझा की बुधवार की रात कुल्हाड़ी से सिर पर हमला कर हत्या कर दी गई है। वह पार्टी का होनहार व संघर्षशील कार्यकर्ता था। उन्होंने हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान मुन्नी यादव, अरशद अली, पीयूष कसेरा, मनोज चैहान, गौरव केशरी, रामजी यादव आदि मौजूद रहे।