मिर्जापुर। गंगा यात्रा में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विरोध स्वरूप काली गाय भेंट करने जाने के दौरान रहे गिरफ्तार सपा नेताओं को पुलिस ने गुरुवार को सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने सहित कई अन्य धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया। सभी को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सभी को गुरुवार की दोपहर में शहर कोतवाली से कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रही थी, तभी बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे। गिरफ्तार नेता कोतवाली में ही सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। कार्यकताओं के आने पर कोतवाली को ही छावनी में तब्दील कर दिया गया था। शहर कोतवाली में पहुंची कटरा और देहात कोवताली पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद सभी को गाड़ी में बैठा कर मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभय यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता नगर के रैदानी कालोनी से काली गाय लेकर मुख्यमंत्री को भेंट देने जा रहे थे। गाय के ऊपर किसानों की ओर से भेंट किए जाने का बैनर लगा था। सूचना पर देहात कोतवाल अभय सिंह ने कचहरी रोड से अभय यादव पुत्र शैल कुमार यादव निवासी खुंटहा कोतवाली देहात, विशाल यादव पुत्र महेंद्र प्रसाद यादव निवासी सुंदर घाट कोतवाली शहर, दीपक मौर्या पुत्र प्रेम नरायण मौर्या निवासी उधेवा थाना सुरियावां भदोही, पीयूष यादव पुत्र अभय यादव निवासी विसुंदरपुर, अयूब अली पुत्र जाहिद अली निवासी वासलीगंज, सूरज यादव पुत्र छविनाथ यादव निवासी दुबेपुर पड़री को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सरकार विरोधी नारे लगाने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, यातायात बाधित करने संबंधी धारा 188, 341, 353 व 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। गुरुवार की दोपहर पुलिस जब गिरफ्तार लोगों को कोर्ट ले जा रही थी तो सपा कार्यकर्ता शहर कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे। गिरफ्तार सपा नेता भी नारेबाजी करने लगे। सूचना पर प्रभारी कटरा कोतवाल चंद्रशेखर यादव और देहात कोतवाल अभय सिंह शहर कोतवाली पहुंचे। सभी गिरफ्तार लोग कोवताली में ही धरने पर बैठ गए। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने सभी को गाड़ी में बैठाकर कोर्ट में पेश कराया। उसके बाद जेल भेज दिया गया।
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रोड शो की तरह कोर्ट तक गए बंदी, लगा गुजर रही वीआईपी फ्लीट
- कोतवाली से ही शुरू हो गयी थी मनमानी, पुलिस ने नहीं किया कंट्रोल
मिर्जापुर। काली गाय के साथ विरोध करने वाले गिरफ्तार बंदी भले ही पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहे हों पर पुलिस का रवैया गिरफ्तार बंदियों को हीरो बनाने सरीखा रहा। गिरफ्तार नेता सरकार और पुलिस विरोधी नारे लगाते रहे पर पुलिस उन्हें जिस तरह से कोर्ट लेकर गई लगा जैसे कोई रोड शो हो रहा हो या फिर वीआईपी की फ्लीट गुजर रही हो।
लापरवाही, मनमानी की शुरुआत शहर कोतवाली से हो गई थी। जहां कोतवाली की पूरी फोर्स गिरफ्तार सपाइयों को परिसर से बाहर तक नहीं निकाल पाई। परिसर में ही विरोध के स्वर गूंजते रहे। आस-पास थानों की फोर्स पहुंची तो उन्हें बाहर ले आया जा सका। उनकी फरमाइश पर पुलिस की जीप से न जाकर कोतवाल की गाड़ी पर उन्हें बिठाया गया। हद तो तब हो गई जब पूरे रास्ते गिरफ्तार सपा नेता सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए जा रहे थे और पुलिस वाहनों के आगे बड़ी संख्या में सपा नेता व कार्यकर्ता दो पहिया वाहनों से नारे लगाते और वीडियो बनाते चल रहे थे। शहर कोतवाली से सभी छह नेताओं को शहर और कटरा कोतवाल के गाड़ियों में बैठा कर मेडिकल के लिए अस्पताल उसके बाद कोर्ट में पेश करना था। दोनों गाड़ियां शहर कोतवाली से निकली तो उसके आगे 20 से 25 की संख्या में सपा कार्यकर्ता बाइक से आगे चले रहे थे। दोनों गाड़ियों के पीछे थाने की सेकेंड मोबाइल टीम और क्यूआरटी फोर्स साथ चल रही थी। पूरे रास्ते बाइक सवार सरकार विरोधी नारेबाजी करते चल रहे थे। काफिल को देखकर लग रहा था कि जैसे किसी वीआईपी की फ्लीट हो।
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चर्चा तेज हुई तो मिलने पहुंचे जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी
मिर्जापुर। शहर कोतवाली में गिरफ्तार सपा के युवा नेताओं के पक्ष में कई कार्यकर्ता पहुंचे। पर जिला कार्यकारिणी के न पहुंचने पर तरह-तरह की चर्चा होने लगी कि आखिर जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी सपोर्ट में क्यों नहीं पहुंचे। कोतवाली में पहुंचे निवर्तमान सचिव नसीम कुरैशी से कार्यकर्ताओं ने अन्य पदाधिकारियों के न आने के बारे में पूूछने लगे। चर्चा तेज हुई तो प्रवक्ता स्वामी शरण दुबे मेडिकल के दौरान अस्पताल पहुंचे। इसके बाद निवर्तमान जिलाध्यक्ष आशीष यादव, राजू चौबे व अन्य पदाधिकारी कचहरी पहुंच कर गिरफ्तार नेताओं से मिले। आशीष यादव ने कहाकि सरकार सपा नेताओं के साथ तानाशाही रवैया अपना रही है। सपा के नेता लोकतांत्रित तरीके से किसानो की ओर से गाय भेंट करने जा रहे थे, पर सरकार के दबाव में पुलिस ने उनके ऊपर संगीन धाराएं लगाकर कार्रवाई की है।
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कोतवाली छावनी में हो गई थी तब्दील
मिर्जापुर। ऐसा कम ही होता है कि थाना, कोतवाली जहां पर पुलिस हमेशा तैनात रहती है, वहां पर अतिरिक्त पुलिसफोर्स को बुलना पड़ेे। इधर कई वर्षो में ऐसा कोई मामला नहीं हुआ कि किसी राजनीतिक बंदी की गिरफ्तारी के बाद जेल ले जाने के लिए कोतवाली में तीन थाने की फोर्से और क्यूआरटी को लगाना पड़े। गुरुवार को गिरफ्तार सपा नेताओं को पुलिस मेडिकल कराने के लिए ले जाने वाली थी। उससे पहले ही दोपहर में कोतवाली के अंदर क्यूआरटी फोर्स को लगाना पड़ा। इसके बाद कटरा कोतवाली और देहात कोतवाली पुलिस भी शहर कोतवाली में पहुुंची। पूरी शहर कोतवाली पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शहर कोतवाली के अंदर इतनी पुलिस क्यों लगी है।
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एंटी रोमियों की गाड़ी में बैठने से किया मना
मिर्जापुर। गिरफ्तार सपा नेताओं को पुलिस लाकअप से बाहर लाई तो वे जमीन पर धरने पर बैठ गए और पुलिस और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें उठाना चाहा तो सभी लेट गए। इसके बाद पुलिस उन्हें एंटी रोमियों वाली थार जीप में बैठा कर ले जाने लगी। तो सभी बंदियों ने जाने से मना कर दिया। गिरफ्तार बंदियों के विरोध करने पर पुलिस को भी उनका बात मानना पड़ा। इसके बाद सभी को शहर ओर कटरा कोतवाल प्रभारी के गाड़ी में बैठा कर ले जाया गया।
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नहीं किया गिरफ्तारी के पेपर हस्ताक्षर
मिर्जापुर। पुलिस गिरफ्तार सपा नेताओं से गिरफ्तारी के पेपर पर हस्ताक्षर करा रही थी, पर सभी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। गिरफ्तार छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभय यादव ने कहाकि पुलिस लोकतंत्र की हत्या करते हुए बिना किसी अपराध के संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रही है। गिरफ्तारी के पेपर पर हस्ताक्षर न करने पर एक दरोगा ने जातिसूचक शब्दो का प्रयोग कर धमकाया।
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