अपहरण कर पिस्टल के बल पर जबरन बैनामा कराने का है आरोप
मिर्जापुर। विंध्याचल में मकान हड़पने के लिए अपहरण कर पिस्टल के बल पर जान से मारने की धमकी देने और जबरन बैनामा कराने के आरोपी सपा सभासद अवनीश मिश्रा को राहत नहीं मिली। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम की अदालत ने जमानत याचिका निरस्त कर दी। अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता पाए जाने और वादी के बयान से आरोपों की पुष्टि होने को महत्वपूर्ण माना।
विंध्याचल के सदर बाजार निवासी निरंजन लाल गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने विंध्याचल स्थित मकान के भू-भाग का पंजीकृत बैनामा कराया था। इसके आधार पर नगर पालिका में अपना नाम भी दर्ज करा लिया था। आरोप है कि सभासद अवनीश मिश्रा अपने बेटे और भाई के साथ मिलकर मकान को हड़पना चाहते थे। इसके लिए पहले भी उन्हें डराया-धमकाया गया और दबाव बनाया गया था। पीड़ित ने प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। छह जुलाई 2026 को मिर्जापुर से विंध्याचल स्थित घर लौटते समय ओझला पुल के आगे अवनीश मिश्रा ने अपने बेटे और भाई के साथ मिलकर उनका अपहरण कर लिया। पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन उप निबंधक कार्यालय सदर ले जाकर मकान का बैनामा करा लिया। मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पांच सितंबर को अवनीश मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज कराने में करीब दो महीने की देरी का तर्क दिया। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी को शातिर अपराधी बताया। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि घटना से पहले मकान के संबंध में दबाव बनाने की शिकायतें की गई थीं। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने तथ्यों को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।