मिर्जापुर। जिले में कई विद्यालय ऐसे हैं जहां पर चहारदीवारी न होने से विद्यालय परिसर में गोवंशों का डेरा होता है तो कहीं जर्जर विद्यालय की छत से पानी टपकता है। सुबह सुबह बच्चे गोबर की सफाई करते हैं और क्षतिग्रस्त भवन के बाहर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
हलिया: क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनगढ़ा तालाब के भीटे पर बना विद्यालय जर्जर है और यहां पर छत से पानी टपकने के कारण बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। विद्यालय में चहारदीवारी न होने के कारण रातों दिन पशुओं का डेरा रहा करता है। सुबह बच्चे, पशुओं के गोबर साफ सफाई करते करतें हैं। सड़क किनारे एक तरफ चहारदीवारी बनी थी। वह भी गिर कर नष्ट हो गई है। एकल शिक्षक द्वारा चलाए जा रहे पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनगढ़ा में कक्षा छह में 73 छात्र, 7 में 99 छात्र, 8 में 84 छात्र कुल 256 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय का निर्माण 2001 में परिषदीय द्वारा बनवाया गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक आर पी यादव का कहना है कि विद्यालय के छत से पानी टपकता है जगह जगह दरारें आ गई हैं। ऑफिस तथा कक्षाओं में पानी टपकने के कारण बारिश के समय बच्चों को अवकाश दे दे दिया जाता है। इसी प्रकार सेमरा कलां प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन से बारिश के दिनों में पानी टपकता रहता है। स्कूलों का जर्जर भवन खतरे को आमंत्रण दे रहा है। जर्जर भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं। बारिश के दिनों में बच्चों को पठन-पाठन में परेशानी होती है। तीन दशक पूर्व बने प्राथमिक विद्यालय सेमरा कलां का भवन जर्जर हो चुका है बारिश के दिनों में छत से टपक रहे पानी के बीच पढ़ने के लिए बच्चे विवश हैं। सेमरा कलां प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजना द्विवेदी ने बताया कि विद्यालय के जर्जर हो चुके भवन से बारिश के दौरान पानी टपकता रहता है। पिछले तीन वर्षों से विद्यालय में हल्की बारिश होने पर भी छत से पानी टपकने लगता है। दीवारें जर्जर हो चुकी है, जिससे बारिश होने पर पानी का रिसाव होता रहता है।इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। कोई विकल्प नही होने पर जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाने के लिए विवश हैं। ग्राम प्रधान शिव गोविंद चौरसिया ने बताया कि जर्जर हो चुके प्राथमिक विद्यालय सेमरा कलां के नवनिर्माण के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जर्जर हो चुके भवन का नवनिर्माण कराए जाने की आवश्यकता है।
किचन शेड में पढ़ रहे बच्चे
मड़िहान। तहसील क्षेत्र के देवरी कला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन नीलाम होने के बाद बच्चे किचन शेड के नीचे पढ़ने को विवश हैं। विद्यालय में 120 छात्र हैं। मेज-कुर्सी आदि सामान से दो अतिरिक्त कक्ष भरा पड़ा है।
जिले के 121 जर्जर विद्यालयों का शुरु सर्वे, शीघ्र होगी कार्रवाई
- डीएम के निर्देश पर हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में जर्जर परिषदीय विद्यालयों की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने इस संबंध में बीएसए अनिल कुमार वर्मा को अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। जिस पर यह कार्रवाई हो रही है। अमर उजाला में जिले के जर्जर विद्यालयों को लेकर कई खबरों का प्रकाशन किया गया था। उसके बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने इस प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएसए से ऐसे सभी विद्यालयों की जांच कराकर वास्तविक रिपोर्ट देने को कहा था। इसके बाद दो दिनों से जिले के सभी जर्जर 121 विद्यालयों की जांच कराई जा रही है। शीघ्र ही रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। बताया जा रहा है कि इन 121 विद्यालयों में लगभग 50 विद्यालय मरम्मत योग्य हैं, जिनकी मरम्मत कराकर उपयोग किया जा सकेगा। इसके साथ ही शेष 71 विद्यालयों में कई की नीलामी हो चुकी है और कुछ की होनी शेष हे। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शीघ्र ही इसको एकत्र कर जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों का सर्वे कराया जा रहा है। जो विद्यालय मरम्मत योग्य हैं उनकी अलग व जो ध्वस्त होने हैं या जिनकी नीलामी हो चुकी है, की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।