कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश की सात जिले के जेलों में सोलर एनर्जी आधारित पावर बैकअप की प्लांट लगाया जाएगा, जिससे ताकि बिजली कटने पर भी मोबाइल जैमर बंद न हों। अपराधी जेलों से अपने गैंग को नहीं चला सकें।
जेलों से अपना सामाज्य चलाने वाले माफियाओं की नकेल कसने के लिए शासन ने जैमर लगाने निर्देश दिया था। शासन के निर्देश में अधिकांश जेलों में जैमर लगा दिए गए लेकिन बिजली की समस्या के चलते जैमरों का संचालन करने में परेशानी आनी लगे। बिजली न रहने पर जैमर बंद हो जाते थे।
जिससे जेलों में बंद माफिया अपने गैंग को फिर से संचालित करने के लिए सक्रिय हो जाते थे। इसकी शिकायत मिलने पर शासन ने जेलों में लगे जैमरों को सफल संचालन करने के लिए प्रदेश के सात जिलों मुजफ्फर नगर, आगरा, वाराणसी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, मेरठ तथा गौतमबुद्ध नगर के जिला कारागारों में सोलर उर्जा प्लांट लगाने का निर्देश दिया। प्लांट लगाने के लिए तीन करोड़ 51 लाख रुपया भी जारी कर दिया।
मिर्जापुर के जिला कारागार में 46 लाख 80 हजार रुपये की लागत से 20 किलोवाट का प्लांट लगाया जाएगा। मुजफ्फरनगर में 35 लाख 10 हजार से 15 किलोवाट का, आगरा में 35 लाख 10 हजार रुपये से 15 किलोवाट, वाराणसी में 35 लाख 10 हजार ुरुपये 15 किलोवाट, सुल्तानपुर में 58 लाख 50 हजार रुपये से 22 किलोवाट, मेरठ में 93 लाख 60 हजार रुपये से 40 किलोवाट, गौतमबुद्धनगर में एक करोड़ दस लाख 70 हजार रुपये की लागत से 50 किलोवाट का प्लांट लगाया जाएगा।