पिछले साल जिला में साक्षरता का विस्तार हुआ है। एक साल में जिले की दो फीसदी आबादी का अक्षर से परिचय कराया गया। साक्षरता दर 68.19 फीसदी से बढ़कर 70.38 हो गई है।
शिक्षा सामाजिक विकास का संकेतक और सहायक होती है। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार लागू होने के बाद से छह से 14 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दिया जा रहा है। जिससे जिला आगे बढ़ता जा रहा है। जिले में 1611 प्राथमिक और 599 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं।
इन स्कूलों में वर्ष 2015-16 में दो लाख 85 हजार 784 बच्चों का नामांकन हुआ। जिला समन्वयक साक्षरता मातेश्वरी ने बताया कि साक्षरता बढ़ाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान, दोपहर भोजन योजना, प्रौढ़ शिक्षा योजना, राजीव गांधी साक्षरता मिशन सहित अनेकों अभियान चलाए गए, जिसके चलते जिले में साक्षरता दर बढ़ाने में सफलता मिली है। अधिकारियों का कहना है कि साक्षर व्यक्ति वह है जो किसी भाषा को समझने के साथ पढ़ और लिख सकता है।