मिर्जापुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सोमवार को जिले के 2838 बूथों पर मतदान हुआ। दुखद पहलू यह रहा कि अधिकांश जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग तार- तार रही। न तो पहले से कोई व्यवस्था की गई थी और न ही मौके पर उपस्थित अथवा सुरक्षाकर्मियों ने किसी को सचेत किया।
कतारों में खड़े- खड़े लोग लगभग एक दूसरे से सटे नजर आए। यदि दुर्भाग्यवश को संक्रमित उनके बीच निकल गया तो क्या होगा, यह सोचकर ही लोग परेशान हैं। वे निश्चिंत होकर कतार में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। नगर से सटे हुए ग्रामीण क्षेत्र हों या फिर दूर- दराज के ग्रामीण क्षेत्र। सभी की कहानी एक ही जैसी रही। इस समय जबकि कोरोना का कहर इस जिले में भी पांव पसार चुका है और अपनी बढ़त बनाने की फिराक में है। इस प्रकार की गतिविधि उसको पूरा अवसर प्रदान कर रही है। प्रशासन को इस पर भी ध्यान देना चाहिए था। कम से कम बूथों पर दस- बीस गोला बनवा देते ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का कुछ तो पालन होता। कई बूथों पर तो पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव दिखायी दिया। चुनार, नरायनपुर ब्लाक अंतर्गत अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान कही भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते मतदाता नजर नहीं आये। मतदान केन्द्रों पर महिला पुरूष मतदाता बेखौफ कतार में लग कर अपने नंबर आने का इंतजार करते दिखाई दिये। इस दौरान मतदान के लिए कतार में खड़े मतदाताओं को धूप से बचाव के लिए टेंट आदि की व्यवस्था तो की गयी थी लेकिन वह नाकाफी था। कुछ मतदान केंद्रों पर पेयजल की समस्या से भी पोलिंग पार्टी व मतदाताओं को जूझना पड़ा।