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आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के निस्तारण में सुस्ती

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विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से जिले में आय, जाति एवं निवास के ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के निस्तारण में सुस्ती आ गई है। हालांकि ऑनलाइन आवेदन होने और निस्तारण के लिए समयबद्ध प्रक्रिया होने के कारण कुछ मामलों का निस्तारण कर दिया जा रहा है।
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सदर तहसील में आमतौर पर प्रतिदिन 600 से 700 ऑनलाइन आवेदन इन प्रमाण पत्रों के लिए आ रहे हैं। कायदे से 15 से 20 दिन के अंदर आवेदनों का निस्तारण कर दिया जाना चाहिए, लेकिन आवेदन पत्रों के निस्तारण में सुस्ती आ गई है। हालांकि विभाग के लोगों का कहना है कि तय समय के अंदर आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जा रहा है। क्योंकि आवेदन करने वालों में अधिकांश छात्र शामिल हैं। इसके चलते प्राथमिकता के आधार पर आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जाता है। सबसे ज्यादा आवेदन तब होते हैं, जब छात्रवृत्ति का फार्म भरा जाता है या फिर कोई अन्य फार्म भरने होते हैं। इस दौरान आवेदनों की संख्या दो से ढाई हजार तक पहुंच जाती है। तहसीलदार सदर फूलचंद यादव ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था होने और विद्यार्थियों से जुड़ा मामला होने के कारण इस प्रकार के आवेदनों का त्वरित निस्तारित किया जाता है। लंबित रखने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है, क्योंकि यदि पात्र हैं तो उसको प्रमाण पत्र के लिए अनुमति दे दी जाती है। उसका प्रमाण पत्र फाइनल हो जाता है और यदि अपात्र होता है तो उसका आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाता है।
लालगंज तहसील में चुनाव आचार संहिता घोषित होने के बाद आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र तहसील प्रशासन द्वारा लगातार ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था बनाई गई है। दिसंबर से फरवरी के प्रथम सप्ताह के बीच 2,887 जाति प्रमाण पत्र के आवेदन आए। पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,100 और पेंडिंग प्रक्रिया में 488 हैं। आय प्रमाण पत्र के लिए 4,776 आवेदन हुए। इसमें से 3,913 जारी किए गए, जबकि 657 निस्तारण की प्रक्रिया में हैं। इसी प्रकार निवास प्रमाण पत्र के लिए 4,471 आवेदन आए। इनमें से 3,417 जारी कर दिए गए हैं, लेकिन 589 लंबित हैं। तहसीलदार शशांक शेखर राय ने बताया कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमित रूप से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। इसके लिए लेखपाल को हिदायत दी गई है। इसी तरह से चुनार में भी 3467 मामले लंबित हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व तीन हजार 965 जाति प्रमाण पत्र, 4,636 आय प्रमाण पत्र व 4,843 निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। जिसका शत प्रतिशत निस्तारण हो चुका है। आचार संहिता लागू होने के बाद माह जनवरी में 4,097 जाति प्रमाण पत्र, 5,001 आय प्रमाण पत्र व 4,064 निवास प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु तहसील में विभिन्न सहज जन सेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें जाति व आय के 2,160 व निवास के 1,3 07 आवेदन पत्र लंबित हैं। मड़िहान में ऑनलाइन आवेदन के बाद आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र पर सत्यापन रिपोर्ट लगवाने के लिए हल्का लेखपाल तहसील में खोजे नहीं मिल रहे हैं। लेखपाल द्वारा चुनाव कार्यों में व्यस्तता बतायी जा रही है। एक माह में लगभग ढाई से तीन हजार प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आते हैं। तहसील के नियमानुसार आय व जाति प्रमाण पत्र 15 दिन और निवास प्रमाण पत्र 20 दिन में आवेदक प्राप्त कर सकता है। सहज जन सेवा केंद्रों पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवेदक अपने क्षेत्र के हल्का लेखपाल से रिपोर्ट लगवाने के लिए तहसील का चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार का सत्यापन क्रमानुसार किया जाता है। तहसीलदार नूपुर सिंह ने बताया कि प्रमाण पत्र समय से जारी किया जाता है।
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