मां विंध्यवासिनी देवी की जयंती पर श्री विंध्यवासिनी आराधना केंद्र की ओर से मंदिर परिसर में अखिल भारतीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मां का वृहद श्रृंगार-पूजन एवं प्रसाद वितरण भी किया गया। मां की पावन जयंती पर मंदिर परिसर में आयोजित संगीत समारोह में देश के कोने-कोने से आए कला-साधकों ने अपने गायन, वादन, नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को मां के चरणों में समर्पित किया, वहीं जगत जननी के भव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
विंध्यधाम में आयोजित अखिल भारतीय संगीत समारोह का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष राजन पाठक ने मां विंध्यवासिनी का पूजन-अर्चन व ज्योति पूजन कर किया।
संस्था के संस्थापक व वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित बच्चा पाठक के निर्देशन मेें आयोजित संगीत समारोह में देश के ख्यातिलब्ध कला-साधकों ने अपनी प्रस्तुतियों को मां के चरणों में समर्पित किया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कार्तिकेय पांडेय व मनीष शर्मा ने सरस्वती वंदना गीत पर भाव नृत्य प्रस्तुत कर किया। संगीत समारोह में देश के कोने-कोने से आए कला साधकों ने अपनी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से भक्तों को भक्ति सागर में डुबकी लगाने को मजबूर कर दिया।
समारोह के दौरान कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट शास्त्रीय गायन, वादन एवं कत्थक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिया। समारोह के दौरान कुसुम चतुर्वेदी, हरप्रीत कौर, पं. ओमकार उपाध्याय ने अपने मधुर प्रस्तुतयिों से मां की आराधना की।
संस्था अध्यक्ष राजन पाठक ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह व चुनरी भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन पंडित महेश्वरपति त्रिपाठी ने किया। जयंती अवसर पर विंध्यधाम की फूल-पत्तियों सहित चुनरी और गुब्बारे से की गई आकर्षक सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी।
इस अवसर पर मां का वृहद श्रृंगार-पूजन सहित प्रसाद का भी वितरण किया गया। माता के दर्शन-पूजन करने केेे लिए जुटी आस्थावानों की भारी भीड़ के चलते धाम क्षेत्र की सातों गलियां पटी रहीं।
जयंती अवसर पर विंध्यधाम की फूल-पत्तियों सहित चुनरी और गुब्बारे से की गई आकर्षक सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। इस अवसर पर मां का वृहद श्रृंगार-पूजन सहित प्रसाद का भी वितरण किया गया।