जिले को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए किया जा रहा प्रयास रंग लाने लगा है। इसके तहत चार करोड़ नौ लाख रुपये की लागत से सिद्धनाथ की दरी को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करते हुए विकास करने के लिए चयनित किया गया है। दरी के विकास और सुंदरीकरण के लिए भारत सरकार के पर्यटन और केंद्रीय सांस्कृतिक राज्य मंत्री महेश शर्मा केंद्रीय परिवार एवं कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ चुनार किले में 28 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में कार्य का शिलान्यास करेंगे।
बताते चलें कि यथार्थ गीता के लेखक और गुरुवर अड़गड़ानंद के सक्तेशगढ़ स्थित आश्रम के नजदीक पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात सिद्धनाथ की दरी अब तक उपेक्षित ही रही है। यहां बरसात के अलावा अन्य दिनों में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है लेकिन यहा न तो सैलानियों के लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था है न ही कोई सुविधा ही है। यहां वाहन स्टैंड के नाम पर आसपास के गांवों के लोग लूट खसोट में जुटे रहते हैं।
बरसात के दिनों में या नव वर्ष के पहले दिन यहां अधिक संख्या में सैलानी जुटते हैं। इन दिनों में यहां आसपास के ग्रामीण पानी, पकौड़ी और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करते हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं होते हैं। मात्र कुछ सिपाहियों को लगा कर इतिश्री कर लिया जाता है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत चार करोड़ रुपये की लागत से सिद्धनाथ दरी का विकास किये जाने की सूचना से अब लोगों को आस जगी है कि यह स्थान अब प्रदेश और देश के पर्यटन नक्शे में स्थान बना लेगा।