यूं तो जिले में सड़कों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन अधिकांश सड़कें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही हैं। वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़कों पर राहगीर हिचकोले खाते चल रहे हैं।इन खस्ताहाल सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, पर प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। .
मड़िहान से मिर्जापुर करीब 27 किलोमीटर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं लालगंज से कलवारी तक करीब 34 किलोमीटर मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है। विगत कई वर्षों से मार्ग पर मरम्मत कार्य नहीं होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा चुनार से राजगढ़ तक करीब 30 किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को हिचकोले खाना पड़ता है।
छानबे क्षेत्र के मिर्जापुर-इलाहाबाद मार्ग पर भटेवरा से जनपद के बार्डर तक करीब 12 किमी मार्ग अत्यंत क्षतिग्रस्त है। जिगना रेलवे स्टेशन से चेहरा तक करीब पांच किमी संपर्क मार्ग, जिगना-मिश्रपुर तक करीब 16 किमी तक मार्ग की दशा अत्यंत दयनीय हो चुकी है। इसके अलावा चड़ेरू चौकठा से जिगना बारी, फुलवरिया-रघईपुर, रघईपुर-सिकरा कला गोड़सर, पाली से हरगढ़ सहित दर्जन भर से अधिक संपर्क मार्गों की दशा खस्ताहाल है।
शास्त्री सेतु औराई तक करीब 13 किमी सड़क पर फोर लेन का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। फोरलेन का निर्माण अत्यंत धीमी गति से हो रहा है। इस रोड पर चलने वाले बाइक सवार धूल से नहा ले रहे हैं। चील्ह तिराहा से गोपीगंज तक करीब 10 किमी सड़क बदहाल है।
विंध्याचल में लोक निर्माण विभाग शिवपुर से इमामबाड़ा तक सड़क बनवा रहा है। सड़क निर्माण के नाम पर सड़क पर मिट्टी-गिट्टी डालने के बाद रोलर चलवा कर छोड़ दिया गया है, जिससे यात्रियों को माता के दरबार तक जाने में परेशानी हो रही है। बदहाल सड़कें परेशानी का ही सबब नहीं हैं बल्कि हादसों की वजह हैँ।