समाज द्वारा जारी विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इस कृत्य से समाज और मंदिर की मर्यादा धूमिल हुई है। निष्कासित होने वालों में शृंगारिया शिव जी के पुत्र शिवांजू तथा उनके भतीजे सत्यकाम मिश्रा हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से अमित पांडेय, सुमित पांडेय और नवनीत पांडये को 15 दिन के लिए बाहर किया गया है।
वहीं, दूसरे मामले में 23 जुलाई को हुई घटना के मामले में निवेदित भट्ट, उत्तम पांडेय और उत्सव पांडेय को 15 दिन के लिए निष्कासित किया गया है। कार्रवाई को लेकर शृंगारिया शिव जी ने कहा कि पंडा समाज केवल तीर्थ पुरोहितों को ही रोक सकता है। शृंगारिया को रोकने का अधिकार उनके पास नहीं है। साथ ही उन्होंने जांच में शामिल लोगों पर भी सवाल उठाए।