मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में गौवंश आश्रय स्थलों की स्थापना व संचालन की जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने गौवंशों के पकड़ने में उदासीनता बरतने पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मिर्जापुर, अहरौरा, चुनार एवं नगर पंचायत कछंवा को शो-काज नोटिस जारी करने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिया।
जिलधिकारी ने अवशेष निराश्रित गोवंशो को संरक्षित करने के लिए नये गो आश्रय स्थलों के निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले गोवंश को पकड़कर आश्रय स्थल भेजा जाए। अस्थायी गो आश्रय स्थल कार्य के बारे में पूछने पर खंड विकास अधिकारी ने बताया गया कि जमीन चिह्नित कर ली गई है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्थायी गो आश्रय स्थलों का प्राथमिकता पर निर्माण कराने निर्देश दिया। पटेहराकला में संचालित गो आश्रय स्थल के बारे जानकारी करने पर बताया गया कि ठेके पर कुछ गोशालाएं संचालित हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे अन्य ग्राम पंचायतों में गौशालाएं संचालित हैं। उसी प्रकार से संचालन कराया जाए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व पंचायत को गो आश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रो में गोशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। उस क्षेत्र के अधिकारी फोटोग्राफ भी उपलब्ध करायें। खंड विकास अधिकारी कोन व छानबे की स्थिति खराब पाये जाने पर सुधार लाने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सीएल वर्मा, संयुक्त मजिस्ट्रेट आलोक प्रसाद आदि अधिकारी उपस्थित रहे।