ख्वाजा इस्माइल चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स के चौथे और अंतिम दिन मजार पर जियारत करने जायरीन का हुजूम उमड़ पड़ा। मजार परिसर में आखिरी कुल शरीफ की फातिहा के साथ सलाना उर्स का समापन हो गया।
सुबह से चादरपोशी करने का शुरू हुआ सिलसिला निरंतर चलता रहा। जायरीन जहां कुरान शरीफ पढ़ते दिखे, वहीं चादरपोशी कर मन्नतें मांगने का तांता लगा रहा।
कंतित शरीफ बाबा के सालाना उर्स के अंतिम दिन मजार परिसर में रविवार की सुबह 10 बजे से अपरान्ह तक आखिरी कुल शरीफ की फातिहा हुई, तत्पश्चात् नातिया कलाम पढ़ा गया और तकरीर की गई। मजार पर सुबह से देर रात तक चादरपोशी कर मन्नतें मांगने का दौर अनवरत चलता रहा।
उधर मेला क्षेत्र में लगी तरह-तरह की दूकानों से जायरीन अपने अपने पसंद की वस्तुआें की खरीदारी करते नजर आए, वहीं मेले में लगे झूलों पर झूल कर बच्चे खुश हो रहे थे। माइनारटीज वेलफेयर सोसायटी की ओर से उर्स के दौरान जायरीन के बीच बिरयानी का लंगर चलाया गया, वहीं बसपा नेता मोहम्मद परवेज खान सहित पाल्क समिति व राईन कमेटी की तरफ से शीतल जल व शर्बत का लंगर चलाया गया।
कंतित शरीफ के सालाना उर्स के अंतिम दिन जायरीन की सुविधा में मैनेजमेंट कमेटी वक्फ नंबर-42 के पदाधिकारी व सदस्यगण डटे रहे। सालाना उर्स के अंतिम दिन मो. नौशाद, हाफिज फरीद साबरी, हाफिज महताब आलम, परवेज खान, कमेटी के अध्यक्ष सुहैल रहमान, सेक्रेटरी अफसर अली, उपाध्यक्ष शमीम अहमद, नायब सेक्रेटरी शकील अहमद, सदस्य मोहम्मद जामिन, सल्लम भाई, रेयाज खां, नेमत खान, गुलाम हैदर, वसीम अहमद आदि उपस्थित रहे।