मिर्जापुर। देहात कोतवाली के बलहरा मोड़ के पास पूर्व ग्राम प्रधान राजेश यादव के हत्या की साजिश कई गिरोह के सदस्यों ने मिलकर रची थी। हत्या के पूर्व धमकी दिए जाने और उस मोबाइल में सिम लगाने से पुलिस को सर्विलांस के जरिये महत्वपूर्ण सूचना हाथ लग गई। इसके बाद पुलिस इस पेचिदा हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने में काफी हद तक सफलता प्राप्त किया है। पुलिस हत्याकांड में शामिल असलहे को बरामद करने में जुटी है।
राजेश यादव प्रापर्टी का काम करते थे। हत्याकांड में उनके करीबियों का होना बताया जा रहा है। इसमें पैसे का बकाया होने और बेइज्जत किए जाने के बाद हत्या की साजिश रची गई। हत्या की साजिश में एक नहीं कई गिरोह के लोग शामिल है। इसमें किसी एक जिले में बैठे साजिशकर्ता ने दूसरे जिले के शूटर से मिलकर उससे हत्याकांड की साजिश रची। इस कारण पुलिस को हत्याकांड की तह तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पूर्व प्रधान को धमकाने में प्रयुक्त मोबाइल और सिम बेचने वाले को पकड़ा। उस मोबाइन में एक नया सिम डाला गया। जिसके बाद पुलिस को हत्या के तह तक पहुंचने का रास्ता मिल गया। वहीं फर्जी तरीके से सिम बेचने वाले को छोड़ाने के लिए भी कई नेता पुलिस से सिफारिश में लगे है।