जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमरनाथ सिंह ने बुधवार को सिटी और पहाड़ी ब्लॉक के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई विद्यालय बंद मिले और कई शिक्षक बिना सूचना के गायब मिले।
इस पर बीएसए ने सात शिक्षकों को निलंबित कर दिया। जिन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिली, उनके शिक्षकों का वेतन रोक दिया।
बीएसए सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर सिटी ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवढ़िया पहुंचे तो बंद मिला और बच्चे बाहर मिले। बीएसए प्राथमिक विद्यालय बिहारी पहुंचे।
यहां गड़बड़ी पर शिक्षक बृजनंदिनी और मंजू रानी को निलंबित कर दिया। प्राथमिक विद्यालय डिबुरपट्टी में 13 बच्चे और दाई मिली, लेकिन कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। बीएसए ने शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा।
प्राथमिक विद्यालय कुशहा में 90 की जगह 22 बच्चे ही मिले। सहायक अध्यापिका कविता गायब मिलीं। बीएसए ने उनको निलंबित कर दिया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपराडाड़ में शिक्षिका माला त्रिपाठी और दीपमाला गायब मिलीं। बीएसए ने इनको निलंबित कर दिया।
प्राथमिक विद्यालय पिपराडाड़ में 265 की जगह 120 बच्चे ही मिले। पहाड़ी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चौहानपट्टी में सहायक अध्यापक नेहा श्रीवास्तव के नहीं आने की शिकायत मिली।
पाया गया कि एक अन्य शिक्षामित्र उनका हस्ताक्षर बनाती हैं। बीएसए ने नेहा को निलंबित कर दिया। बीएसए ने दोपहर 12 बजकर दस मिनट पर प्राथमिक विद्यालय रानी चौकिया पहुंचे।
यहां 315 की जगह 130 बच्चों का एमडीएम पंजिका पर मिला, जबकि मौके पर 90 बच्चे ही मिले। यूपीएस रानी चौकिया में भी एमडीएम में गड़बड़ी मिली।
बीएसए ने एमडीएम प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय ककरहा में शिक्षिका सीमा देवी गायब मिलीं। इनको भी निलंबित कर दिया। विद्यालय में 109 बच्चों की जगह 40 बच्चे ही मिले।
उच्च प्राथमिक विद्यालय ककरहा और प्राथमिक विद्यालय चौहान पट्टी में भी शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिली। बीएसए ने सुधार होने तक शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।