मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय के पीछे कुड़े में फेंकी गई लाखों की सरकारी दवा का राज परिसर में लगा सीसी टीवी का फुटेज खोलेगा। इसे पाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम परेशान है। फुटेज प्राप्त करने के लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क किया गया है। जिन्होंने ने देर रात तक फुटेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है लेकिन अभी तक फुटेज अधिकारियों को नहीं मिल पाया था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व मुख्य चिकित्साधिकरी डा. विधु गुप्ता दवा प्रकरण की मामले की जांच करने अस्पताल गए थे। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. ओम प्रकाश शाही से मिलकर पूरे मामले के बारे में जानकारी ली। बताया कि यह एक गंभीर मामला है। इसलिए जिसने भी ऐसा किया है उसे बख्शा नहीं जाएगा। टीम कड़े रूख को देख एसआईसी ने बताया कि चिकित्सालय परिसर के चारों ओर सीसी टीवी कैमरे लगवाए गए है।
जिसमें दवां फेंकने वाला कर्मचारी आ गया होगा। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान आराम से करके पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है। एसआईसी के आश्वासन पर टीम ने तत्काल फुटेज उपलब्ध कराने को कहा तो उन्होंने बताया कि देर शाम तक कर्मचारी को बुलवाकर उसकी रिकाडिंग निकलवाएंगे। जिसकी सीडी बनवाकर टीम को सौंप देंगे। इस संबंध में टीम की माने तो अभी तक उनके पास सीसी टीवी का फुटेज नहीं आया है।
जिलाधिकारी ने इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच कराने का फैसला लिया है। ज्वइंट मजिस्ट्रेट को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। डीएम ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसकी अपने स्तर से जांच करा रहे हैं लेकिन प्रशासन भी जांच कराकर कर्रवाई करेगा।
जिलाधिकारी विमल कुमार दूबे ने इसे एक बड़ा अपराध मानते हुए ज्वाइंट कमिश्नर को जांच सौंपी है। मंडलीय चिकित्सालय और स्वास्थ्य विभाग में कितनी दवाएं आईं, मरीजों को कितनी वितरित की गईं और कितना स्टाक बचा है। इसका पूरा विवरण डीएम ने तलब किया है। जो दवाएं फेंकी गईं, वे कहां से आई थीं। अस्पताल के पीछे कूड़े में आग भी लगा दी गई थी, जिसमें काफी दवाएं जल गई थीं। इसका धुआं वार्ड में भर गया था। इसकी भी जांच करने को कहा गया है।