होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में ग्रैनुलोसाइट दान करते सौरभ सिंह। स्रोत- संस्था
- ग्रैनुलोसाइट (श्वेत रक्त कणिकाएं) कैंसर, कीमोथेरेपी या गंभीर संक्रमण से रोग प्रतिरोधक क्षमता खो चुके मरीजों के काम आती है
मिर्जापुर। विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सौरभ सिंह जिले के पहले ग्रैनुलोसाइट (श्वेत रक्त कणिकाएं ) डोनर के बने। उन्होंने 90 वां रक्तदान ग्रैनुलोसाइट डोनेशन के रूप में कर गंभीर रूप से बीमार मरीज को नई जिंदगी दी। ग्रैनुलोसाइट (श्वेत रक्त कणिकाएं) कैंसर, कीमोथेरेपी या गंभीर संक्रमण से रोग प्रतिरोधक क्षमता खो चुके मरीजों के काम आती है। ऐसे मरीजों के लिए श्वेत रक्त कणिकाएं किसी संजीवनी से कम नहीं है।
डोनेशन प्रक्रिया के तहत सौरभ सिंह शनिवार की रात होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल वाराणसी पहुंचे। जहां उन्हें आवश्यक इंजेक्शन दिया गया। शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ाई जाती है। देर रात एक बजे वापस घर लौटने के बाद रविवार सुबह नौ बजे वापस अस्पताल पहुंचकर सफलतापूर्वक डोनेशन किए। यह पूरी प्रक्रिया डॉ रेवती नायर की देखरेख में हुई। ट्रस्ट के सचिव अभिषेक साहू ने बताया कि यह रक्तदान का विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें डोनर को डोनेशन से एक दिन पहले विशेष इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं की मात्रा बढ़ जाती है। इसके बाद मशीन के माध्यम से केवल ग्रैनुलोसाइट निकाले जाते हैं। शेष रक्त वापस शरीर में पहुंचा दिया जाता है। अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी ने कहा कि हर घर ब्लड डोनर अभियान से समाज में रक्तदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।