नगर के प्रमुख क्षेत्रों में आए दिन जाम से राहगीर परेशान हैं। जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। सड़क की पटरियों पर बेतरतीब वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। दो पहिया हो या चार पहिया वाहन चालकों में यातायात पुलिस का तनिक भी भय नहीं है। पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वाहन चेकिंग का अभियान चला कर अपने जिम्मेदारी से मुक्त हो जाते हैं।नगर के व्यवस्तम इलाके रतनगंज में दोपहर में एक ट्रक घुस आया जिससे वहां जाम के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
यातायात व्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भीड़ भाड़ क्षेत्रों में नो एंट्री के दौरानब बेधड़क चालक वाहन लेकर घुस आते हैं। जबकी शहर के प्रवेश नाकों पर पुलिस खड़ी रहती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं न कहीं इसमें पूर्ण रूप से पुलिस जिम्मेदार है। लेकिन पुलिस की नाकामी के चलते नगर के बाशिंदों व दूर दराज ग्रामीणांचलों से आए राहगीरों को इसका खमियाजा भुगतना पड़ता है। जाम के कारण तो बुधवार को जिलाधिकारी तक को परेशान होना पड़ा था। नगर के प्रमुख मार्गों मंडलीय महिला व पुरुष अस्पताल, बसनहीं बाजार, वासलीगंज, रतनगंज, संगमोहाल, पक्का पुल एवं शास्त्री सेतु पर जाम से पुलिस भलिभांति परिचित है। लेकिन इसके बावजूद जाम के झाम से निजात दिलाने का कोई तोड़ व तरीका पुलिस के पास नहीं है। पुलिस अधीक्षक के नये नये प्रयोगों से कुछ क्षेत्रों में जरूर सफलता मिली है, लेकिन यातायात दुर्व्यवस्था नासूर का इलाज ढूंढने में उन्हें सफलता नहीं हासिल हो पाई है।