विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी के दरबार में सोमवार को महाकुंभ पलट प्रवाह की वजह से जबरदस्त भीड़ रही। प्रदोष की वजह से गंगा स्नान करने और दर्शन करने वालों का रेला उमड़ पड़ा। गलियां और सड़कें सुबह से रात तक जाम रहीं। वहीं, मंदिर में भी लंबी कतारें लगी रहीं। मंगला आरती के बाद से शयन आरती तक दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा।
मिर्जापुर-प्रयागराज हाईवे पर दिन-रात जाम के बावजूद विंध्याचल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भोर से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गई थीं। शृंगार और मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाल खुलते ही दर्शन-पूजन की होड़ लग गई। गंगा स्नान करने के बाद लोगों ने मां विंध्याचल के चरणों में शीश नवाया। वहीं, के दिव्य शृंगार के दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल हो उठे। यह सिलसिला रात तक चलता रहा।
गंगा घाटों, मंदिर के परिक्रमा पथ पर लोगों ने अपने बच्चों का मुंडन भी कराया। मां विंध्यवासिनी के अलावा पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजी और महाकाली के दरबार में भी भीड़ जुटी रही। वहीं, मंदिर में मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी करने के साथ चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस भीड़ को नियंत्रित करती रही। श्री विंध्य पंडा समाज के सदस्य भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।