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रोटी-नमक मामला : अभिभावकों को मनाने के लिए घर-घर गए बीईओ, सिर्फ 32 बच्चे ही पहुंचे स्कूल

Sat, 07 Sep 2019 12:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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नमक से रोटी खा रहे स्कूल के बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर जिले के प्राथमिक स्कूल सिऊर में मिड डे मील में बच्चों को नमक-रोटी देने के मामले को उजागर करने वाले पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज कराने को लेकर ग्रामीणों में रोष है। शुक्रवार की सुबह बीईओ समेत 15 सदस्यीय टीम को गांव भेजकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया गया।

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टीम के प्रयास से 32 बच्चे विद्यालय पहुंचाए गए। कुल 95 बच्चों मे 63 बच्चों के अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि गलत तरीके से दर्ज मुकदमे को जब तक वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी।

प्राथमिक विद्यालय सिऊर में गुरुवार को 95 बच्चों में से मात्र एक बच्चा पढ़ने आया था। शेष बच्चों के विद्यालय में न आने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चिंता सताने लगी। गुरुवार की दोपहर बीईओ ने सिऊर गांव पहुंच कर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी।
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बच्चों के अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को खूब खरी खोटी सुनाई थी और चेताया कि जब तक राजकुमार पाल और पत्रकार के खिलाफ मुकदमा वापस नहीं होगा तब तक बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। बीईओ के निराश लौटने पर गुरुवार की शाम एसडीएम चुनार भी सिऊर गांव में पहुंचे और उन्होंने अभिभावकों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन कोई बात नहीं बनी।

शुक्रवार की सुबह डैमेज कंट्रोल करने के लिए नायब तहसीलदार नटवर लाल राजस्व टीम के साथ सिऊर गांव पहुंचे। इस दौरान बीईओ प्रदीप सिंह भी टीम लेकर विद्यालय खुलने के समय से पूर्व ही पहुंच गए। टीमों ने गांव में अलग अलग जाकर अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। समझाने के बाद 32 बच्चे स्कूल पहुंचाए जा सके। टीम में डीसी निर्माण अजय श्रीवास्तव, डीसी बालिका रमेश राय, लेखपाल विनोद यादव, अरविंद मिश्रा, सुरेश सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

बीईओ ने तहरी खाकर मिटाई भूख :
अभिभावकों को समझाने गांव पहुंचे बीईओ ने सुबह साढ़े दस बजे बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन में बनी तहरी खाकर भूख मिटाई। इस दौरान वहां मौजूद अभिभावकों से कहा गया कि एमडीएम गुणवत्ता युक्त बनाया जा रहा है, जिसे सभी लोग खा सकते हैं। एमडीएम में अब किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है ना ही किसी भी प्रकार की कोताही बरती जाएगी।
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मासूमों के हाथों में किताबें नहीं, हंसिया दिखी :
हिनौता ग्राम सभा के सिऊर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को रोटी नमक खिलाने के मामले के बाद इन मासूमों के चेहरों की रौनक ही चली गयी। जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए उन्हेें हालात ने हंसिया पकड़ा दिया। बच्चे हंसिया लेकर खेतों में काम करते नजर आ रहे हैं। शासन और प्रशासन की शुक्रवार की सुबह यह नजारा उस समय आम हो गया, जब शिक्षा और राजस्व विभाग की टीम बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए उनके दरवाजे पहुंची।
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