शुक्रवार की सुबह डैमेज कंट्रोल करने के लिए नायब तहसीलदार नटवर लाल राजस्व टीम के साथ सिऊर गांव पहुंचे। इस दौरान बीईओ प्रदीप सिंह भी टीम लेकर विद्यालय खुलने के समय से पूर्व ही पहुंच गए। टीमों ने गांव में अलग अलग जाकर अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। समझाने के बाद 32 बच्चे स्कूल पहुंचाए जा सके। टीम में डीसी निर्माण अजय श्रीवास्तव, डीसी बालिका रमेश राय, लेखपाल विनोद यादव, अरविंद मिश्रा, सुरेश सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
बीईओ ने तहरी खाकर मिटाई भूख :
अभिभावकों को समझाने गांव पहुंचे बीईओ ने सुबह साढ़े दस बजे बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन में बनी तहरी खाकर भूख मिटाई। इस दौरान वहां मौजूद अभिभावकों से कहा गया कि एमडीएम गुणवत्ता युक्त बनाया जा रहा है, जिसे सभी लोग खा सकते हैं। एमडीएम में अब किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है ना ही किसी भी प्रकार की कोताही बरती जाएगी।
मासूमों के हाथों में किताबें नहीं, हंसिया दिखी :
हिनौता ग्राम सभा के सिऊर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को रोटी नमक खिलाने के मामले के बाद इन मासूमों के चेहरों की रौनक ही चली गयी। जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए उन्हेें हालात ने हंसिया पकड़ा दिया। बच्चे हंसिया लेकर खेतों में काम करते नजर आ रहे हैं। शासन और प्रशासन की शुक्रवार की सुबह यह नजारा उस समय आम हो गया, जब शिक्षा और राजस्व विभाग की टीम बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए उनके दरवाजे पहुंची।