अहरौरा के दुर्गा जी मंदिर के पास धर्मशाला निर्माण हेतु भूमि दिये सेवानिवृत्त रेलकर्मी भोलानाथ क
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अहरौरा। जहां लोग कागज के चंद टुकड़ों के लिए भाई और पिता का भी गला काट देते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जो जनसेवा और धर्म के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर मिसाल बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही जुनून दिखाया सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने, जिन्होंने बैंक में जमा अपनी सारी चल संपत्ति क्षेत्र के मंदिर के समीप धर्मशाला निर्माण के लिए दान कर दी। मंदिर में दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीबों की मदद हो सके इसके लिए उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान कमाई अनुमानित लगभग 28 लाख रुपये की धनराशि पट्टी कला मोहल्ले में मां दुर्गा जी मंदिर के बगल में स्थित धर्मशाला निर्माण के लिए सौंप दी।
इलाके के लोगों में धर्मार्थ कार्य के लिए मिसाल बन चुके नगर क्षेत्र के रवानी टोला निवासी 75 वर्षीय भोलानाथ जनसेवा को जीवन का अंतिम लक्ष्य मान चुके हैं। उन्हें संतान सुख नहीं मिला। पत्नी भी अल्प समय में ही छोड़ कर चली गई। भोलानाथ ने अपनी सारी कमाई जनसेवा में लगाने का निर्णय लिया। इस संबंध में भोलानाथ ने बताया कि जब परिवार में अपना कोई बचा ही नहीं तो सारी संपत्ति को जन सेवा में लगा देना ही बेहतर होगा। गरीबों और जरूरतमंदों का सहारा बनकर धर्मशाला का निर्माण मेरी सोच में जीवित रहा। काफी प्रयास के बाद धर्मशाला निर्माण कार्य की योजना बन सकी तो जीवित रहते इस सोच को धरातल पर लाया गया अपनी परिकल्पना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पालिकाध्यक्ष गुलाब मौर्य से इच्छा जाहिर की। जिस को मूर्त रूप देने के लिए मंदिर के बगल में खाली पड़ी पालिका की तीन बिस्वा भूमि धर्मशाला निर्माण के लिए मिल गई। परिणाम यह हुुआ की सोच के अनुरूप धर्मशाला का निर्माण शुरू हो गया। जिससे भोलानाथ तो संतुष्ट हैं ही क्षेत्र के लोगों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया।
इनसेट
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मांगलिक कार्य स्वरूप तैयार की गई डिजाइन
अहरौरा। दुर्गा मंदिर के बगल में स्थित धर्मशाला निर्माण की डिजाइन गरीब तबके के निर्धन लोगों के लिए मांगलिक और रचनात्मक कार्यों के लिए तैयार की गई है। मां दुर्गा और मां काली मंदिर के बीच में खाली पड़ी तीन बिस्वा भूमि को रेखांकित कर चयनित कर लिया गया है। शुक्रवार को भूमि पूजन कर धर्मशाला निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भवन की डिजाइन में दो हाल दो कमरे तथा पर्याप्त शौचालय के निर्माण की व्यवस्था की गई है। जो निर्धन तथा गरीब तबके के लोगों के लिए लाभकारी होगा।
वर्जन
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-निर्धन गरीब तबके के लोगों की मदद के लिए सेवानिवृत्त रेलकर्मी भोलानाथ ने धर्मशाला निर्माण की बात रखी। उनकी भावनाओं के अनुरूप मंदिर के पास तीन बिस्वा भूमि धर्मशाला निर्माण के लिए चयनित की गई है। जिस पर भवन निर्माण के लिए 28 लाख रुपये तक खर्च आएगा। -गुलाब मौर्य, पालिकाध्यक्ष अहरौरा।