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फरियादी 521, राहत सिर्फ 28 को

Wed, 17 May 2017 12:48 AM IST
mirzapur
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न्याय की आस
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 पारा 44 डिग्री सेल्सियस है। लोग अकारण घरों से निकलना नहीं चाहते। तकलीफ मौसम की मार से ज्यादा थी। विपरीत हालात में भी मंगलवार को तहसील दिवस पर जिले की चारों तहसीलों में राहत की आस लिए 521 फरियादी आला अफसरों के यहां पहुंचे लेकिन जिले भर के अधिकारी मिलकर केवल 28 लोगों की समस्या हल कर सके। ज्यादा लोगों के हाथ निराशा ही लगी।
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 मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को तहसील दिवस पर लालगंज में तहलील दिवस हुआ। यहां 142 फरियादी पहुंचे लेकिन आला अफसर केवल आठ लोगों को राहत दे पाए। यहां गैरहाजिर अधिकारियों को चेताया गया और सीडीओ ने नहीं आने पर पटेहरा व हलिया रेंजर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। अधिवक्ता समिति के पूर्व अध्यक्ष चंद्रदत्त त्रिपाठी ने रीवा रोड की मरम्मत कराने की मांग की तो थरपरसिया गांव निवासी प्रभुनाथ दुबे ने मिश्र पट्टी में विद्युतीकरण कराने की मांग लेकर पहुंचे थे। ये मामले शासन और बजट से जुड़े हैं लेकिन कोठी की प्रधान बैजंती देवी तो मड़वा नेवादा के तालाब पर अवैध कब्जा हटाना चाहती थीं।

एक वकील ने आवेदन दिया था जिस पर कई तरह के हस्ताक्षर देख सीडीओ नाराज हो गईं। तमाम गांव वाले पानी की किल्लत, अघोषित विद्युत कटौती जैसी मांग लेकर आए थे, उनको भी आश्वासन ही मिला, राहत नहीं जबकि सीएमओ डा. बिधु गुप्ता, डीएसओ अंजनी कुमार सिंह, तहसीलदार ओपी पांडेय, नायब तहसीलदार उमेश कुमार आदि आला अफसर मौजूद थे। मड़िहान संवाददाता ने बताया कि उनके यहां एसडीएम जीसी राम ने जनता की समस्या सुुनी।
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उनके सामने 47 मामले आए और वे तीन का ही समाधान कर पाए जबकि तहसीलदार रामजी मौर्य, बीडीओ दिनेश प्रताप सिंह, एसओ भुवनेश्वर पांडेय वहां मौजूद थे। चुनार तहसील में एसडीएम सीपी तिवारी ने फरियाद सुनी। वे 30 शिकायतों में एक में भी राहत नहीं दे पाए। सदर तहसील में सीआरओ वंश बहादुर तथा एसडीएम अविनाश त्रिपाठी के नेतृत्व में तहसील दिवस हुआ, यहां 302 लोग राहत की उम्मीद से पहुंचे मगर 285 निराश लौटे। केवल 17 लोगों के मामले मौके पर
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