नगर के रमईपट्टी में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती पर आयोजित गोष्ठी में बोलते नरायण उपाध्याय।
आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान की ओर से रविवार को नगर के रमईपट्टी स्थित उनके पैतृक आवास पर आचार्य जी की 132 वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोष्ठी में आचार्य जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुुुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने आचार्य जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि ने आचार्य जी के जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक हिंदी रहेगी, तब तक आचार्य जी अमर रहेंगे। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार बृजदेव पांडेय ने कहा कि आचार्य जी निर्णायक आलोचना के विरोधी थे। विशिष्ट अतिथि एसपी सिटी अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि आचार्य जी हिंदी साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार थे। संस्था के प्रबंधक राकेश चंद्र शुक्ल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
गोष्ठी के दौरान अनुज प्रताप सिंह, भोलानाथ कुशवाहा, नारायण जी उपाध्याय ने भी आचार्य जी के जीवन मूल्यों के बारेे में बताया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश चंद्र वर्मा विनीत ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अमित सिंह, लक्ष्मीकांत पांडेय, इरफान कुरैैैशी सहित तमाम साहित्यकार मौजूद रहे।