पंचायत भवन तक अंधेरे में, ग्रामीण बोले- पैसा खर्च हो गया पर लाइटें नहीं लगीं
सिटी। मुल्हवा गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पंचायत राज विभाग से मिली 5.72 लाख रुपये की धनराशि खर्च होने के नौ महीने के बाद भी गांव की गलियां आज भी अंधेरे में हैं। दस्तावेजों के अनुसार नवंबर 2025 में ग्राम पंचायत के खाते से पूरी धनराशि निकाल ली गई, लेकिन सात गांव में कहीं-कहीं खंभों पर हाइलोजन लाइटें ही दिखाई देती हैं। पंचायत भवन तक अंधेरे में है। ऐसे में ग्रामीण खर्च हुई धनराशि के उपयोग पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही गांव की अधिकांश गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं। रात में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का आने जाने में मुश्किल हो जाती है। बारिश में अंधेरे से दुर्घटना और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। कई बार ग्राम पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि जब स्ट्रीट लाइट के लिए विभाग से 5.72 लाख रुपये मिले और ग्राम पंचायत के खाते से पूरी धनराशि निकाल ली गई, तो गांव में नई स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं दिखाई दे रहीं। न नए खंभे लगाए गए और न ही एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खर्च का सार्वजनिक ब्योरा जारी करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बोले ग्रामीण
शाम ढलते ही गांव की अधिकांश गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं। रात में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
रामधनी, ग्रामीण
बरसात में अंधेरे से दुर्घटना और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अजीत कुमार, ग्रामीण
जब स्ट्रीट लाइट के लिए 5.72 लाख रुपये निकाले गए, तो आखिर लाइटें कहां लगाई गईं?
महेंद्र कुमार, ग्रामीण
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और धनराशि के उपयोग का सार्वजनिक ब्योरा जारी किया जाए।
गणेश, ग्रामीण
क्या बोले जिम्मेदार
गांव में जगह-जगह खंभे पर हाइलोजन लाइटें लगाई गई हैं। ज्यादा जानकारी के लिए सचिव से वार्ता कर लीजिए।
महेश पटेल, प्रशासक, मुल्हवा
हां, धनराशि निकाली गई है। फोन पर क्या बताएं, मिलकर बात करिए या प्रधान से जानकारी ले लीजिए।
प्रभात शुक्ला, ग्राम पंचायत सचिव
यदि स्ट्रीट लाइट के लिए ग्रामीणों ने की शिकायत है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
डॉ. अनूप दूबे, खंड सहायक विकास अधिकारी (पंचायत राज)