राजगढ़। स्थानीय विकास खंड के चौखडा गांव में उत्तराखंड के हरिद्वार से पथरी की दवा कराने आए तीन महिला, चार पुरुष तथा दो बच्चों सहित नौ सदस्य लॉकडाउन में फंस गए। दूर के रिश्तेदारों ने उन्हें दो सप्ताह तक खिलाया पिलाया पर बाद में हाथ खड़े कर दिए। रिश्तेदारों ने अब रैन बसेरा में शरण लिया है और लॉकडाउन के खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बतादे कि मिस्तरपुर हरिद्वार, उत्तराखंड से 19 मार्च को अपने रिश्तेदार चौखड़ा निवासी खजांची के यहां, गांव में एक वैद्य से पथरी का इलाज कराने के लिए आया हुआ था। दवा पीने के लिए तीन मरीजों सहित नौ लोग फंस गए। पहले तो रिश्तेदार गरीब खजांची ने सबका खर्चा उठाया। लेकिन धीरे-धीरे जब घर का राशन समाप्त होने लगा, तो उसने रिश्तेदारों को भोजन कराने से मना कर दिया। भोजन की तलाश में सभी परदेसी राजगढ़ ब्लाक पहुंचे। जहां खंड विकास अधिकारी रामचंद्र राम ने सभी नागरिकों का परीक्षण कराकर लॉकडाउन तक ब्लाक स्तर पर बनाए गए रैन बसेरा में रुकने की व्यवस्था कर दी।