मिर्जापुर में इस वर्ष एक से सात जुलाई के मध्य वृक्षारोपण जन आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। वन महोत्सव को देखते हुए विंध्याचल मंडल के मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र में युद्धस्तर पर इसकी तैयारियां शुुरू कर दी गई है।
बाल्मीकि रामायण में उल्लिखित वृक्षों में सहजन, साल, आम, अशोक, कल्पवृक्ष, बरगद, महुआ, कटहल, असन, कदंब, अर्जुन, छितवन, जामुन, बेल, अनार, खैर, पलाश, बहेड़ा, पीपल, आंवला, नीम, शीशम, बांस, बेर, कचनार, चिलबिल, कनेर, सेमल, अमलतास, बड़हल आदि शामिल हैं। चंदन व रक्त चंदन जैसी प्रजातियां केवल दक्षिण भारत तक ही सीमित हो गई हैं। बाल्मीकि रामायण में उल्लिखित वृक्ष प्रजातियों में इस समय प्रदेश की जलवायु, मिट्टी व भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल कुल 30 प्रजातियों का रोपण विंध्याचल मंडल में किया जाना है।
मिर्जापुर मंडल के मुख्य वन संरक्षक आरसी झा ने कहा कि मिर्जापुर, भदोही व सोनभद्र को मिलाकर इस वर्ष एक करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे। मिर्जापुर, भदोही व सोनभद्र को मिलाकर लगभग 80 नर्सरियों में लक्ष्य के सापेक्ष सवा करोड़ पौधे पूरी तरह से तैयार हैं। इस वर्ष सामान्य तौर पर तो रोपित किए ही जाएंगे लेकिन बाल्मिकी रामायण में उल्लेखित पौधो के रोपण पर विशेष जोर दिया जाएगा।