नव वर्ष-2015 के प्रथम दिन गुरुवार को निरंतर हो रही बारिश ने लोगों के उत्साह पर पानी फेर दिया। ठंड भी बढ़ गई। सुबह से लेकर रात तक सूर्यदेव के दर्शन न होने से जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं बर्फीली हवाओं के
चलने से अधिकांश लोग अपने-अपने घराें में ही कैद रहे। नए साल की शुभकामनाएं लोगों ने वाट्स-एप, इंटरनेट व मोबाइल के माध्यम से संदेश भेज कर दिया।
भगवान इंद्र ने वर्ष-2015 के आगमन के उपलक्ष्य में नगरीय इलाके सहित ग्राम्यांचलाें में की गई तैयारियाें पर पानी फेर दिया। गुरुवार की भोर से देर रात तक लगातार हुई बारिश के चलते नववर्ष की
शुभकामनाएं देने के लिए अधिकांश लोग अपने घराें से नहीं निकले। लोगाें ने मोबाइल, इंटरनेट एवं वाट्स एप के माध्यम से ही ईष्ट मित्रों, रिश्तेदारों एवं अपने चाहने वालों को नववर्ष का शुभकामना संदेश भेजा।
उधर, नए साल के पहले दिन नगरीय इलाकों में स्थित देवी-देवताओं के मंदिराें पर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुआें का तांता लगा रहा। लोगों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मंदिरों में पहुंच कर दर्शन-पूजन कर मंगलकामना किया।
नगर के प्रमुख बाजारों एवं चौराहाें पर लगी फूलाें की दूकानों से लोगाें ने देशी-विदेशी फूलाें से बने बुके और गुलदस्ते की खरीदारी की, वहीं केक सहित चाकलेट एवं अन्य उपहार की दूकानाें पर ग्राहक डटे रहे।
नए वर्ष के स्वागत में कुछ इलाकों में युवाओं ने सड़क पर हैप्पी न्यू ईयर लिखा था, जो बारिश होने के कारण धुल गया। लगातार बारिश के कारण नगर के कई इलाकों, बाजारों एवं प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से
लोगों को कीचड़ एवं पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। इससे लोगाें को असुविधा का सामना करना पड़ा। नववर्ष के प्रथम दिन लोगों के घराें में तरह-तरह के पकवान बनते रहे, वहीं कुछ ने नगर क्षेत्र के होटलों एवं रेस्त्रां पहुंचकर लजीज व्यंजनाें का लुत्फ उठाया।