मिर्जापुर। कोरोना के भय से जिले के अधिकांश विद्यालयों व अन्य स्थानों को क्वारंटीन सेंटर तो बनाया गया लेकिन अब वहां केवल व्यवस्था ही है, प्रवासी श्रमिक वहां से नदारद हैं। कहा जा रहा है कि अब बाहर से आ रहे लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है। कई जगहों पर तो व्यवस्था भी नदारद हैं।
जिले में पहले चरण में 25 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए थे। उसके बाद 17 सेंटर और बनाए गए। आशंका थी कि बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या बढ़ सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रवासी श्रमिक तो आए लेकिन उनको इन सेंटरों में न ठहरा कर होम क्वारंटीन किया गया। इससे संक्रमण का प्रसार भी हुआ। मसलन कछवां की जो महिला जब मुंबई से आई तो उसको होम क्वारंटीन किया गया लेकिन जब उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई तो उसे आइसोलेशन में डाला गया। उसके बाद उसके परिवार के लोगों की जांच हुई तो उसको लेकर 11 लोग संक्रमित पाए गए। इससे समझा जा सकता है कि इतने बड़े खतरे को प्रशासन किस प्रकार हल्के में ले रहा है। जिले में जिन भी ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। आमतौर पर वह खाली ही है।
मड़िहान, स्थानीय तहसील क्षेत्र में बाहर से आने वाले प्रवासियों के लिए अस्थायी नौ क्वारंटीन सेंटर बनाये गए हैं।लेकिन वहां श्रमिकों को रोकने की बजाय प्रशासन उन्हें घर भेज दे रहा है। एसडीएम विमलकुमार दूबे ने बताया कि जांच के बाद भोजन की व्यवस्था की गई है। पैदल जा रहे प्रवासियों को वाहन से भेजा जा रहा है। तहसील मुख्यालय स्थित विंध्यपालिटेक्निक कालेज में जांच के लिए चिकित्सकों की टीम को नियुक्त किया गया है। यदि संदिग्ध मिलते हैं तो जिलाप्रशासन के माध्यम से 14 दिनों के लिए भेजा जाता है। पड़री, कोरोना महामारी के चलते थाना क्षेत्र के शिवलोक श्रीनेत महाविद्यालय समेत पूर्व माध्यमिक विद्यालय पड़री को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। बता दें कि शिवलोक श्रीनेत महाविद्यालय में 150 बेड की व्यवस्था है। जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 50 बेड की व्यवस्था की गई है। शिवलोक महा विद्यालय में कोरोना जांच सेंटर बनाया गया है जहां सरकारी वाहनों से हर रोज लगभग 1000 प्रवासियों की जांच किया जा रहा है, फिर भी क्वॉरंटाइन सेंटर में एक भी लोग नहीं रखे गए हैं। दोनो किचन सेंटरो से प्रवासियों तथा जरूरत मन्दो को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लालगंज, स्थानीय बाजार स्थित बापू उपरौध इंटरमीडिएट कॉलेज में बनाए गए होम शेल्टर पर कोई भी प्रवासी क्वॉरंटाइन नहीं किया गया है।।अभी तक यहां केवल कम्युनिटी किचन से बाहर से लौटे प्रवासियों को भोजन दिया जाता जा रहा है। थर्मल स्कैनिंग के बाद होम क्वॉरेंटाइन का दिशा निर्देश चिकित्सकों ने दिया है। हलिया, विकासखंड में ब्लॉक मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सा लैब में 20 बेड का क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है। इसके अतिरिक्त चार इमरजेंसी क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं । ब्लॉक मुख्यालय परिसर में बनाए गए क्वॉरंटीन वार्ड में एक पखवारे पूर्व दो लोगों को क्वारंटाइन किया गया था। दो सप्ताह कीअवधि पूर्ण होने पर उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी गई। खंड विकास अधिकारी नंदलाल कुमार ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में भोजन के लिए कम्युनिटी किचन सेंटर से देने की व्यवस्था की गई है। वर्तमान समय में क्वारंटीन सेंटर पर किसी को क्वारंटाइन नहीं किया गया है।जमालपुर, क्षेत्र में ग्राम पंचायत जफरपुरा हाटस्पाट में क्वारंटीन सेन्टर प्राथमिक विद्यालय को बनाया गया है। इस गांव में कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद सील कर दिया गया है। यहां आने वाले पर सख्त निगरानी की जा रही है। अब तक गांव में पचास लोग बाहर आ चुके हैं। दो दर्जन से अधिक लोगों क्वारंटीन सेन्टर में रखा गया है। गांव की प्रधान मालती बियार ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन सेन्टर में सभी व्यवस्था कराईं गई है। उसके बाद कई लोग भाग कर घर पर रह रहे हैं।निगरानी समिति सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। होम क्वारंटीन के नाम पर खुलेआम घूम रहे हैं। जिससे गांव में लोगों में भय बना हुआ है।