नगर पालिका द्वारा बिजली विभाग के भवनों के बकाया कर का आरसी भेजना महंगा पड़ गया। इसके जवाब में बिजली विभाग ने पालिका प्रशासन पर 12 कनेक्शन के 85 लाख 65 हजार रुपया का बकाया बिल जमा नहीं करने पर बुधवार को नगर पालिका के घंटाघर, संगमोहाल, लालडिग्गी व विंध्याचल के कनेक्शन कटवा दिया। जिससे आफिस में अंधेरा पसर गया। बिजली विभाग ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। जिससे पालिका प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि नगर पालिका ने बिजली विभाग के भवनाें पर दो करोड़ 28 लाख रुपये का कर बकाया बताते हुए गत दिनों उसे नोटिस जारी किया था। नोटिस देने के बाद भी बकाया नहीं दिया तो आरसी जारी कर दिया। आरसी मिलने पर बिजली विभाग ने बताया कि वर्ष 2003 में एक शासनादेश जारी हुआ था। जिसमें नगर पालिका के ट्यूबवेल व स्ट्रीट लाइटों को संचालित करने के लिए लगाए गए कनेक्शन पर आने वाले बिलों को बिजली विभाग के भवनों पर आए हुए गृह कर में समायोजित कर लिया जाता है। इसके बाद अगर नगर पालिका का बिल बढ़ता तो बिजली विभाग उसे अदा करता है बिजली विभाग का बढ़ता है तो पालिका प्रशासन देता है। इस तरह वर्ष 2003 से एक दूसरे विभाग किसी को नगद में बिल अदा नहीं किया है।
इस शासनादेश के बारे में पालिका प्रशासन को बताने के बाद पालिका प्रशासन ने उसे मानने से इंकार कर दिया। बिजली विभाग को दो करोड़ 28 लाख रुपये का कर बकाया होने की बात बताते हुए उसे जमा करने के लिए आरसी जारी कर दिया। इसके बाद बिजली विभाग ने पालिका प्रशासन पर 12 कनेक्शन के 85 लाख 65 हजार रुपया का बिल बकाया होने की बात बताते हुए उससे जमा करने को कहा। बार बार चेतावनी देने के बावजूद बिल नहीं जमा करने पर बिजली विभाग ने बुधवार को नगर पालिका के घंटाघर, संगमोहाल, लालडिग्गी व विंध्याचल के कनेक्शन को बकाया में कटवा दिया। इससे इन दफ्तरों में अंधेरा पसर गया। बता दें कि नगर पालिका में बिजली विभाग के 10 कनेक्शन हैं, दो नवरात्र में लगाए जाते हैं तथा एक अस्थायी कनेक्शन लगा हुआ है। इस तरह कुल 13 कनेक्शन हो गए। जिस पर हजारों रुपये बिल आता है। इन कनेक्शनों पर 85 लाख 65 हजार रुपया बिजली का बकाया है। जिसका ट्यूबवेल व स्ट्रीट लाइटों से कोई लेना देना नहीं है। इसे नगर पालिका को जमा करना ही होगा।