जिले में रबी विपणन सत्र 2015-16 में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। इस वर्ष क्रय केंद्रों द्वारा महज 28125.90 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो सकी है। वहीं, आढ़तियों द्वारा 14007.55 मीट्रिक टन गेहूं खरीद किया गया है। इससे लक्ष्य 78.13 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
कम गेहूं खरीद पर जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। विकास भवन में बुधवार को किसान दिवस की बैठक में जिलाधिकारी ने पथरहिया स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र प्रभारी सुरेश यादव का एक दिन वेतन काटने का निर्देेश दिया है। साथ ही गैपुरा के क्रय केंद्र प्रभारी और पीसीएफ के कई क्रय केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
इस वर्ष क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि का असर दिखा। गेहूं खरीद के दौरान क्रय केंद्रों पर क्रय केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार करते रहे। वहीं, आढ़तियां किसानों के घर-घर जाकर गेहूं खरीदने में मशगूल रहे। जिला विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला के अनुसार, खाद्य विभाग के 11 क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 12500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 5627.65 मीट्रिक टन, पीसीएफ के 29 क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 14000 मीट्रिक टन के सापेक्ष महज 5147.95 मीट्रिक टन, कर्मचारी कल्याण निगम के दो क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य एक हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 627.10 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी।
वहीं, सहकारी समिति के छह क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य छह हजार मीट्रिक टन था। इसके सापेक्ष महज 911.20 मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम के तीन क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 2500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1804.45 मीट्रिक टन गेहूं सहित कुल 28125.90 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है, जो निर्धारित लक्ष्य 36 हजार के सापेक्ष महज 78.13 प्रतिशत ही है।
गेहूं खरीद में सरकारी एजेंसियों की जहां लापरवाही नजर आई, वहीं आढ़तियों द्वारा गेहूं खरीद में काफी तेजी दिखाई गई है और 14007.55 मीट्रिक टन गेहूं खरीद किया है। आढ़तियों के कारण ही जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 78.13 प्रतिशत पहुंच सका है।