जमालपुर क्षेत्र चैनपुरा में बाढ़ के पानी में डूबी धान की फसल।- संवाद।
जमालपुर। गड़ई नदी में भले ही पानी का रफ्तार थमने से ग्रामीणों को भले ही राहत मिल गई। अब सिवानों में बाढ़ के पानी में डूबी फसलों से भीषण दुर्गंध उठने से ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ गई है। घर के आसपास भरे बाढ़ के पानी से बदबू उठने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
नदी के तटवर्ती 20 से अधिक गांवों में पिछले पंद्रह दिनों से धान सहित अन्य फसलें पानी में डूबी हुई हैं। एक तरफ पानी निकल रहा तो दूसरी तरफ दबाव के चलते खेतों में फिर से पानी भर जा रहा है। गरई नदी सहित भोकानाला के पानी से निचले इलाके में दबाव बना हुआ है। हालांकि इधर तटबंध से नीचे पानी होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लेकिन रीवा, मीरपुर, सहेवा, पिडिखिर, भभौरा, गौरी, जफरपुरा, गोगहरा, भागलपुर, लोढ़वा, शाहपुर माफी, गुलौरी, मनई, ओड़ी, हसौली, जादोपुर, भड़ेवल, हरदी सहजनी में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। जगह-जगह बाढ़ का पानी भरने से गावों में गंदगी है। इससे संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रक्षिता सिंह का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जहां-जहां पानी कम हो रहा है, दवा के छिड़काव के लिए सफाईकर्मियों की टीम लगा दी गई है। आवागमन के प्रमुख मार्गो सहित गलियों में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।