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Mirzapur News: रोडवेज पर निजी बस संचालकों का कब्जा, विभाग को प्रतिदिन दो लाख रुपये का नुकसान

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पीली काेठी में सड़क पर खडे़ प्राइवेट बस, स्रोत संवाद - फोटो : reasi news
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मिर्जापुर। नियम तो है कि रोडवेज परिसर के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में कोई निजी बस स्टैंड नहीं होना चाहिए। जिले में रोडवेज के पास 200 मीटर के दायरे में दो-दो निजी अवैध बस स्टैंड चल रहे हैं। इन दिनों यातायात माह भी चल रहा है। फिर भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हाल यह है कि रोडवेज के सामने ही निजी बस संचालक बस खड़ी करके यात्रियों को बैठा रहे हैं। बाइक और ई-रिक्शा से भी यात्रियों को रोडवेज परिसर से ले जाकर निजी बस में बैठाया जा रहा है। रोडवेज प्रशासन के रोकटोक करने पर निजी बस संचालक झगड़ा करने पर अमादा हो जाते हैं। यही कारण है कि रोडवज को प्रतिदिन दो से तीन लाख का नुकसान हो रहा है।
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रोडवेज मिर्जापुर से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, सोनभद्र, जौनपुर आदि शहरों के लिए बसें संचालित होती हैं। मिर्जापुर रोडवेज डिपो में 103 बस है। इसमें 80 निगम की और 23 बसें अनुबंंधित हैं। प्रतिदिन 10 हजार यात्री मिर्जापुर रोडवेज की बसों से सफर करते हैं। प्रतिदिन 10 से 12 लाख रुपये की आमदनी होती है। पुलिस प्रशासन सख्ती के नाम पर कुछ बसों का चालान करके खानपूर्ति कर लेता है। कुछ दिन बाद फिर से निजी बसों का संचालन होने लगता है।
भोर में चार से सुबह के 10 बजे तक सबसे अधिक मनमानी
निजी बस संचालक भोर में चार से सुबह 10 बजे तक सबसे अधिक मनमानी करते हैं। सुबह के समय सड़कों पर यातायात का दबाव कम रहता है। रोडवेज गेट के पास बसों को लाकर खड़ा करते हैं। फिर यात्रियों को बैठाना शुरू कर देते है। रोडवेज के कर्मचारी उनको बस हटाने के लिए कहते हैं तो निजी बस संचालक झगड़ा करने लगते हैं।
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दोपहर में निजी बसों के बेतरतीब खड़े होने से लगता है जाम
निजी बस संचालक दोपहर में यात्रियों को बैठाने के लिए रोडवेज के पास तिराहे पर बस को बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं। इससे आवागमन प्रभावित होता है। इसी तिराहे के पास पुलिस बूथ भी है। इसके बाद भी निजी बस यहां खड़ी होती है। पुलिस चुपचाप देखती है। यह हाल तब है जब यातायात माह चल रहा है।


रोडवेज के एक किलोमीटर के दायरे में वाहन स्टैंड नहीं होना चाहिए। निजी बस संचालन होने से रोडवेज को प्रतिदिन दो से तीन लाख का घाटा हो रहा है। इन निजी वाहन स्टैंडों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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कल्पना श्रीवास्तव, एआरएम, रोडवेज
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