चुनार। थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर स्थित माधव विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को विजिलेंस वाराणसी की टीम ने शुक्रवार को सात हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया। स्थानीय थाने में प्रधानाचार्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। रिश्वत लेने की पुष्टि प्रधानाचार्य के हाथ धुलाने पर हुई।
माधव विद्या मंदिर इंटर कालेज से सहायक अध्यापक रामलला शास्त्री दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए। इनका 15 लाख 385 रुपये का जीपीएफ भुगतान का बकाया है। उनका आरोप है कि माधव विद्या मंदिर इंटर कालेज के वर्तमान प्रधानाचार्य डॉ. छोटेलाल सिंह फाइल बढ़ाने के नाम पर सात हजार रुपये मांगते हैं। इसकी शिकायत रामलला शास्त्री ने सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी से की। शिकायत पर सीओ विजिलेंस विजयमल सिंह ने टीम के साथ शुक्रवार को प्रधानाचार्य को उनके कार्यालय से रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से दो हजार के तीन तथा पांच सौ के दो नोट बरामद किए। आरोपित को एंटी करप्शन कोर्ट में शनिवार को पेश किया जाएगा। इस दौरान मजिस्ट्रेट के रूप में एसडीएम (एसएलओ) भरत लाल सरोज, जेए हौशिला प्रसाद, छह इंस्पेक्टर व करीब दर्जन भर हेड कांस्टेबल मौजूद थे। चर्चाओं के अनुसार आरोपित प्रधानाचार्य व शिकायतकर्ता रिटायर्ड शिक्षक के बीच किसी मामले को लेकर विवाद चल रहा है। प्रधानाचार्य ने कहा है कि उन्होंने पूर्व में इस शिक्षक को 25 हजार रुपये दिये थे। उसी का बकाया सात हजार रुपया आज दिया गया लेकिन साजिश के तहत फंसा दिया गया।
प्रिंसिपल ने दी थी अध्यापक के विरुद्ध तहरीर : मामले में एक और खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रधानाचार्य ने शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक रामलला शास्त्री के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप है कि सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक ने अपनी सेवा पुस्तिका में हेरफेर किया था। उसके दो पृष्ठों को आपस में चिपका दिया, जिससे वे खुलने लायक नहीं रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर प्रधानाचार्य ने सहायक अध्यापक के खिलाफ इसी मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की तहरीर दी थी। यह तहरीर छह मई 2022 को दी गई थी।