चुनार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिसौरा के मजरा जमहीं में दशकों बाद भी विद्युतीकरण नहीं होने से ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। गांव के लोग शनिवार की सुबह दर्जनों की संख्या में ग्रामीण विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखी तख्तियाें को लेकर पूरे गांव का भ्रमण कर चेताया कि बिजली नहीं तो वोट नहीं..। .
करीब एक हजार की आबादी वाले जमहीं मजरे के ग्रामीणाें ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली नहीं तो वोट नहीं दिया जाएगा। कहा गया कि हर बार के चुनाव में विभिन्न राजनैतिक दलों के उम्मीदवार विद्युतीकरण के नाम पर गांव की जनता को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाते हैं और चुनाव जीत जाने के बाद गांव में नजर ही नहीं आते हैं। गांव के लोेग आज भी ढिबरी व लालटेन युग में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत बिसौरा खुर्द में जहां बिजली के बल्ब चारों तरफ टिमटिमाते हैं, वहीं ग्राम पंचायत के मजरे जमहीं में सूर्यास्त होने के बाद अंधेरा पसरा रहता है। इस मजरे के विद्युतीकरण के लिए मात्र 10 विद्युत पोल व करीब दो हजार मीटर विद्युत तार की जरूरत है, लेकिन जनप्रतिनिधियाें की उपेक्षात्मक रवैये के चलते ग्रामीण अंधेरे में जीने को मजबूर हैं।
इस मजरे में करीब साढ़े तीन सौ मतदाता हैं, जिनके बच्चे आज भी लालटेन व ढिबरी के सहारे अपनी पढ़ाई करने को विवश हैं। दूसरे गांव में जलते बिजली के बल्ब को देख ग्रामीण मायूस हो जाते हैं, बावजूद इसके उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति तब है जबकि सरकार हर जिले के हर मजरे तक बिजली पहुंचाने के लिए अभियान चला रही है। मगर इस गांव की सुध लेने वाला कोई नहीं। न अफसर ध्यान दे रहे हैं और न नेता।
जमहीं मजरे के धनी बियार, बल्ली बियार, राम आसरे बियार, राधे बियार, राम अधार बियार, नन्हें बियार, भगवान दास बियार, सजीवन बियार, प्रमोद, मंगरू, महानंद बियार आदि ने गांव में जोरदार प्रदर्शन करते हुए चुनाव का बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि जब तक गांव में विद्युतीकरण नहीं कराया जाएगा हम मतदाता बूथ पर नहीं जाएंगे और चुनाव का बहिष्कार करेंगे।