बायोकैमेस्ट्री, फिजियोलॉजी और कम्युनिटी मेडिसिन में छह सीटों पर मिल चुकी है मान्यता
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस के बाद अब पीजी की भी पढ़ाई होगी। 10 विषयों में पीजी की 20 सीटें हैं। इनमें तीन विषयों में पीजी सीट के लिए एनएमसी से मान्यता मिल गई है। पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे।
पीजी में सात विषयों में मान्यता के लिए एनएमसी की टीम निरीक्षण कर चुकी है। अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। जल्द ही इन विषयों में मान्यता मिलने की संभावना है। मान्यता मिलने के बाद पीजी की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार होंगे और मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हुए छह वर्ष हो चुके हैं। एमबीबीएस का प्रथम बैच निकल चुका है। मेडिकल कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर डॉ. दुर्गेश सिंह ने बताया कि बायोकैमेस्ट्री में दो सीट, फिजियोलॉजी में दो सीट और कम्युनिटी मेडिसिन में दो सीट के लिए एनएमसी से मान्यता मिल चुकी है। सात अन्य विषयों में एनाटॉमी की चार सीट, माइक्रोबायोलॉजी की चार सीट, फार्मा की दो सीट, आर्थोपेडिक्स की चार सीट, एनेस्थीसिया की दो सीट, सर्जरी विभाग की दो सीट और ऑब्स एंड गायनी की दो सीट के लिए एनएमसी की टीम ने पिछले दिनों निरीक्षण कर चुकी है। टीम ने अस्पताल जाकर ओपीडी, सर्जरी और वार्ड आदि का निरीक्षण करने के साथ मेडिकल कॉलेज के विभागों में व्यवस्थाओं की जानकारी ली। रिपोर्ट तैयार करके राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, नई दिल्ली को सौंप दी गई है। वहां से जल्द सात विषयों में मान्यता मिलने की संभावना है।
वर्जन
“बायोकैमेस्ट्री, फिजियोलॉजी व कम्युनिटी मेडिसिन में छह सीटों पर मान्यता मिल चुकी है। सात विषयों की 20 सीटों के लिए एनएमसी की टीम निरीक्षण कर चुकी है। जल्द पीजी सीटों पर मान्यता मिलने की संभावना है। इससे चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी। मरीजों को भी सुविधा मिलेगी।”
प्रो. डॉ. संजीव कुमार सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज