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Mirzapur News: नारी और पुरुष के संबंधों में सकारात्मक समायोजन और संतुलन आवश्यक

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नगर के बरियाघाट ​स्थित एक लाज में त्रिवेणी की गोष्ठी को संबो​धित करती वक्ता, स्रोत संवाद
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नारी: कल और आज विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
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मिर्जापुर। बरिया घाट स्थित एक लॉज में शुक्रवार की शाम आध्यात्मिक-साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था त्रिवेणी की ओर से आयोजित नारी : कल और आज विषयक विचार-संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता जीडी बिनानी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की पूर्व प्राचार्य बीना सिंह ने कहा कि नारी और पुरुष के संबंधों में सकारात्मक समायोजन और संतुलन आवश्यक है।
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विशिष्ट वक्ता सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि नारियों का सकारात्मक दृष्टिकोण परिवार और समाज को मजबूत बनाता है। डॉ. उषा कनक पाठक ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विदुषी नारियों के कारण जाना जाता है। डॉ. एसएन पाठक ने कहा कि नारियों में विवाह में विलंब की परंपरा ठीक नहीं है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए निर्धारित प्रारंभिक आयु में ही विवाह करना अपेक्षित है। भूपेंद्र सिंह डंग ने कहा कि भारत की महान् नारियों ने अनेक महान योद्धा इस देश को दिए हैं। कांशीराम गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्राचार्या अनीता यादव ने कहा कि नारी सशक्तीकरण समय की आवश्यकता है। अध्यक्षीय संबोधन एएसजे इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य राजेंद्र तिवारी ने नारियों की प्रगति के अनेक पहलुओं को श्रोताओं के समक्ष रखा। प्रारंभ में कवयित्री नंदिनी वर्मा ने सरस्वती वंदना की। केदारनाथ सविता की पुस्तक का भी विमोचन किया। संस्था के अध्यक्ष रविंद्र कुमार पांडेय, सचिव अनिल यादव, केशव नारायण पाठक आदि थे।
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