जमालपुर। थाना क्षेत्र के एक गांव से रविवार को शाम को लापता दो बहनों को खोजने के लिए पुलिस अधीक्षक समेत छह थानों की पुलिस लग गई। रात में भी पुलिस अधीक्षक चार थानों की पुलिस के साथ खोजबीन करते रहे, परंतु दोनों बहने नहीं मिलीं। बारह घंटे बाद दोनों बहने अपने घर पहुंच गईं। दोनों रात होन के कारण गांव के ही एक महिला के घर पर रुक गई थीं।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति से तीन पुत्रियां व एक पुत्र हैं। बड़ी पुत्री 13 वर्षीय है। उसके बाद सात और पांच वर्ष की दो पुत्रियां और तीन वर्ष का एक पुत्र है। रविवार को शाम को गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर पर बच्चों को पोषाहार व बिस्कुट आदि बांट रही थी। सूचना मिलने पर गांव निवासी एक व्यक्ति की सात व पांच वर्षीय दो पुत्रियां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के घर पर पहुंचीं, जबकि परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी। शाम पांच बजे के करीब दोनों बहनों को घर पर न पाकर परिजन परेशान हो गए। रात करीब 10 बजे तक परिजन उनकी खोजबीन करते रहे। नहीं मिलने पर रात 10 बजे परिजनों 1090 पर फोन कर जानकारी दी। जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष जमालपुर राम नरायन राम ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उच्चाधिकारियों को सूचना दी और खोजबीन में जुट गए। दो बालिकाओं के लापता होने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन स्वयं एएसपी नक्सल ओपी सिंह, सीओ चुनार उमाशंकर सिंह के अलावा जमालपुर, अदलहाट, अहरौरा व चुनार थाने की पुलिस के साथ खोजबीन करते रहे। पुलिस गांव में लापता बहनों के घर के आस-पास घर-घर खोजबीन की, परंतु पता नहीं चला। गांव के आस-पास के नदी-नालों के अलावा कुएं में कांटा और जाल डालकर खोजबीन की गई, परंतु दोनों की जानकारी नहीं मिल सकी।
इस बीच सोमवार को सुबह पांच बजे के करीब दोनों बहनें घर आ गईं। दोनों ने बताया कि वे रात में पास के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के घर में ही सो गई थीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली। थानाध्यक्ष राम नरायण राम ने बताया कि पोषाहार लेने गईं दोनों बहनें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के घर पर ही सो गई थीं। सुबह वापस आई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन का कहना है कि रविवार को शाम को दो बहनें लापता हो गई थीं। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर पूरी रात पुलिस फोर्स के साथ उनकी खोजबीन की गई। वे गांव में ही एक महिला के घर रात में सो गई थीं। सुबह अपने से घर आ गईं।