कछवां। थाना परिसर मंगलवार की शाम को उस समय अखाड़े में बदल गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे दो पक्ष आपस में भिड़ गए। थाना परिसर तमाश का केंद्र बन गया। थाने के अंदर मारपीट होता देख लोगों की भिड़ लग गई कि आखिर मामला क्या है। पुलिस अधिकारी भी हैरान थे कि आखिर थाने में ये क्या हो रहा है। मामला सेमरी और भैंसा गांव के दो पक्ष में घाय काटने को लेकर हुए विवाद का था। दोनों पक्ष थाने में तहरीर लेकर पहुंचे थे।
भैंसा गांव में इंद्र बहादुर सिंह के खेत में अमृता देवी पत्नी रामचंद्र यादव घास काट रही थी। वहां इंद्र बहादुर सिंह पहुंचे और अमृता देवी को घास काटने से मना किया। इस पर अमृता देवी ने अपने पुत्र उदल यादव, राम नरेश यादव, शिव प्रसाद यादव को सूचना दिया। सभी लाठी-डंडे से लैस होकर इंद्र बहादुर सिंह के खेत में पहुंचे। इंद्र बहादुर सिंह से मारपीट करने लगे। इंद्र बहादुर सिंह अपने खेत से भागकर कछवां थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग किया। तभी दूसरा पक्ष भी थाने पर पहुंचा। तभी थाने में दोनों पक्ष भिड़ गए। थाने के अंदर मारपीट होता देख लोगों को लगा कि किसी फिल्म की शूटिंग हो रही है। थाना परिसर में मारपीट पहले तो कोई समझ ही नहीं पाया। बाद में पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कराया। दोनों पक्षों की तहरीर लेकर छह लोगों खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें एक पक्ष से इंद्र बहादुर सिंह उर्फ खंझाटी, आलोक सिंह, सुनील कुमार सिंह प दूसरे पक्ष से उदल यादव ,रामनरेश यादव , शिव प्रसाद यादव का चलान कर दिया। थानाध्यक्ष सुबास चंद्र राय ने बताया कि दोनों पक्ष आपस में घास काटने को लेकर मारपीट किए थे। थाने के बाहर सड़क पर शाम को दो लड़के बहस कर रहे थे। जिन्हें पकड़कर बंद कर दिया।