मिर्जापुर/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईवीआर से जुड़े मिर्जापुर के एफपीओ के किसान धर्मेंद्र कुमार माैर्य से बात की है। वह दिल्ली शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे थे। धर्मेंद्र कुमार माेटे अनाज का वैल्यू एडिशन करते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वे 15 मार्च 2023 से ही बाजरे से बिस्किट तैयार करा रहे हैं। इसके लिए तीन लाख रुपये की मशीन दिल्ली से मंगाई थी। एक पैकेट में 18 बिस्किट आती है। इसका वजन 200 ग्राम है। इसकी सप्लाई डिफेंस में भी की जा रही है। प्रति माह खपत 50 किलोग्राम है। अलग-अलग स्वाद के बिस्किट बना रहे हैं।
राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु ने भी पीएम के प्रसारण को देखा और सराहना की। कहा कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर मिशन योजना 2030-31 तक लागू रहेगी। इसकी कुल लागत 11440 करोड़ रुपये है। उद्देश्य देश को दलहन उत्पादन में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना है।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि शुरू हुई योजनाएं किसानों की समृद्धि और कृषि उत्पादकता वृद्धि की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के कम उत्पादक वाले 100 जिलों में लागू होगी।
इसमें उत्तर प्रदेश के 12 जिले हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ऑनलाइन विचार रखे। कहा कि देश दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता होने के साथ सबसे बड़ा आयातक भी है। सरकार ने उत्पादन, उत्पादकता और खेती के रकबे को बढ़ाने के लिए इन योजनाओं को शुरू किया है।
वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, डॉ. राकेश कुमार दुबे, डॉ. हरे कृष्णा, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सुदर्शन मौर्या और डॉ. आत्मानंद त्रिपाठी, डॉ. नागेंद्र राय ने होने वाले लाभ किसानों को बताए। संस्थान के विकसित बीजों के किट और तकनीकी पुस्तिकाओं का वितरण हुआ। इस दौरान 713 से अधिक किसान, वैज्ञानिक और छात्र उपस्थित रहे।