पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया गया कि उनका एक संगठित आठ सदस्यीय गैंग है। इसके माध्यम से वह अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। अवैध शस्त्र को खरीदकर लाने का काम गैंग सरगना सुंदरम उपाध्याय करता है। सप्लाई जहां करनी होती है। उनके द्वारा हम लोगों को बताया जाता है। अवैध शस्त्रों को मध्य प्रदेश से सस्ते दामों पर खरीदकर लाते है। मांग के अनुसार ऊंचे दामों में बेचते है।
30 से 50 हजार में पिस्टल, 5 से 7 हजार में बेचते हैं तमंचा
पिस्टल 30 से 50 हजार व तमंचा पांच से सात हजार रुपये में बेचते है। असलहा मिर्जापुर सहित आसपास के जनपदों में बेचा जाता है। अवैध असलहों की बिक्री से प्राप्त धनराशि को सभी आपस में बांट लेते हैं।
बरामद असलहा और पिस्टल।
- फोटो : अमर उजाला
सुंदरम पर छह, अंकित पर दर्ज हैं 11 मुकदमे
असलहा तस्करी में गिरफ्तार सुंदरम उपाध्याय पर जीआरपी, कछवां और पकड़ी थाना में सात मुकदमें दर्ज हैं। अंकित पांडेय पर कटरा, देहात व कछवां 11 मुकदमें दर्ज है। आशीष यादव पर दो और अभिषेक पांडेय पर एक मुकदमा दर्ज है।
विवाद में धमकाने के लिए लिया था पिस्टल
असलहा तस्करी में गिरफ्तार यश पांडेय का राजगढ़ में भूमि विवाद है। वह भूमि विवाद में विपक्षी को डराने व धमकाने के लिए पिस्टल लिया है। असलहा तस्करों का नगर के लड़कों से संपर्क था। युवा रौब दिखाने के लिए पिस्टल खरीदते हैं।