विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के तव्वावधान में संविदा कमियों ने अधिकारियों की मिलीभगत से किए जा रहे शोषण के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को अधीक्षण अभियंता द्वितीय के कार्यालय फतहां में धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री के बार बार आश्वासन के बावजूद फर्जी मुकदमा वापस न लिए जाने, कर्मचारियों का निलंबन वापस न किए जाने, संविदा कर्मियों को नियमित करने तथा बोनस एवं अनुग्रह राशि को न दिए जाने पर कर्मचारियों में आक्रोश है। इस दौरान मजदूरों ने सीएम को संबोधित मांग पत्र अधिकारियों को सौंपा।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संविदा कर्मियों का मानदेय का भुगतान विभाग सीधे चेक से करें।
ईपीएफ राशि को कर्मचारी खाते में विभाग द्वारा ही जमा करा कर उसकी पर्ची कर्मचारी को दी जाए। संविदा कर्मियों की सेवा नियमावली बनाई जाए। ठेका श्रमिकों को नियमन एवं उन्मूनल अधिनियिम 1970 के अनुसार नियमित कर्मचारी का वेतन दिया जाए।
विद्युत दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों को उपचार का खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाए तथा मृत्यु एवं विकलांगता की दशा में मुख्य नियोजक प्रिसिंपल एम्लायर के नाते विभाग 10 लाख मुआवजा देते हुए उनके परिवार या उनको रोजगार की व्यवस्था कराए।
विभाग में 65 हजार खाली पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों को रखा जाए। पद भरने के बाद ही बाहरी लोगों की भर्ती की जाए। यूपीपीसीएल के समस्त आदेशों केेेउत्पादन एवं जल विद्युत में भी लागू की जाए। पिछले दो वर्ष से बकाया अनुग्रह धनराशि का भुगतान दीपावली के पूर्व किया जाए।