मिर्जापुर। वेब सीरीज मिर्जापु के एग्जिक्यूटीव प्रोड्यूसर व अन्य पर दर्ज मुकदमों की जांच करने गई पुलिस को आखिरकार शुक्रवार की सुबह डीसीपी क्राइम से जांच का परमिशन मिला। जिसके बाद मिर्जापुर पुलिस मुंबई पुलिस के सहयोग से नामजद आरोपितों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर उनके नाम व पते का वैरिफिकेशन करती
रही। दो दिनों से मिर्जापुर पुलिस जांच का आदेश लेने के लिए डीसीपी क्राइम के कार्यालय का चक्कर कार रहे थे। मुंबई पुलिस भी उनका सहयोग नहीं कर रही थी।
17 जनवरी को देहात कोतवाली पुलिस ने वेब सीरीज के एग्जिक्यूटीव प्रोड्यूसर रितेश साधवानी, फरहान अख्तर, भौमिक गोंडलिया और ओटीटी प्लेटफार्म अमेजन प्राइम पर धार्मिक भावना आहत करने, गाली गलौज और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के संबंध में मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद एसपी के निर्देश पर तीन सदस्ययी टीम देहात कोतवाल विजय कुमार चौरसिया, बरकछा चौकी प्रभारी आलोक कुमार सिंह, कांस्टेबल विनय राय बुधवार की शाम को मुंबई पहुंचे। टीम जांच प्रक्रिया शुरु करने के लिए डीसीपी क्राइम से अनुमति लेने उनके कार्यालय का चक्कर काटती रही, पर उनसे मुलाकात नहीं हुई। मिर्जापुर पुलिस स्वयं आरोपितों का बयान लेने के लिए खोजबीन करते हुए फरहान अख्तर के घर के पास पहुंची तो मुंबई पुलिस ने ला एंड आर्डर बिगड़ने की बात कहकर मुंबई पुलिस को जांच करने से रोक दिया। शुक्रवार को टीम के लोग अंधेरी स्थित डीसीपी क्राइम अकबर पठान से मिली। जिसके बाद उन्होंने जांच का परमिशन दिया। इसके बाद मिर्जापुर पुलिस टीम बांद्रा पुलिस स्टेेशन पहुंची। वहां पर नामजद आरोपितों के नाम और पते को वैरिफिकेशन करती रही। शनिवार को आवास पर जाकर बयान लेगी। टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने बताया कि परिमशीन मिल गई है। आरेेपितो के नाम व पते की पड़ताल की जा रही है। शनिवार को उनके घर जाकर बयान लिया जाएगा।