फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूर्यदेव को अर्घ्य देने को उमड़ीं व्रती महिलाएं

Wed, 18 Nov 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
काचहीं बांस के बगहिया, बगही लचकत जाय..जैसे गीत गाती गंगा घाटों पर पहुंची व्रती महिलाओं ने सूर्योपासना के महापर्व डाला छठ पर मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य देव को गंगा जल व दूध से अर्घ्य दिया।
विज्ञापन


नगर के बरियाघाट सहित कई अन्य घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा। जल में खड़े होकर व्रती महिलाओं ने पांच बार परिक्रमा कर श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन किया।

सूर्यास्त होने पर महिलाओं ने पूजन सामग्रियों को दउरी में रखकर जलते दीपक को लेकर अपने-अपने घरों के लिए प्रस्थान किया।

सूर्योपासना के महापर्व डाला छठ पूजन के तीसरे दिन मंगलवार को संतान व पारिवारिक सुख-समृद्घि की कामना को लेकर महिलाओं ने व्रत रखा।

पूजन करने के लिए नगर के बरयिाघाट सहित कई अन्य घाटों पर व्रती महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा। गंगा घाटों पर पहुंची व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन कर सुख-समृदि्ध के लिए कामना किया।
विज्ञापन


 गंगा स्नान करने के बाद सूप में पूजन सामग्री रख कर डूबते सूर्य को गंगा जल और दूध से अर्घ्य दिया। छठ मईया के पूजन के लिए बांस की बनी दउरी में पूजन सामग्री को रखकर व्रती महिलाएं गाजे-बाजे के साथ गंगा घाटों पर पूजन करने के लिए पहुंची थीं।

दोपहर बाद से ही गंगा घाटों पर व्रती महिलाओं के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था। गंगा तट पर बड़ी संख्या में एकत्रित महिलाओं ने बड़े ही श्रद्घाभाव से भगवान भास्कर का पूजन किया।

 सोलह श्रृंगार किए व्रती महिलाएं गन्ना सहित सूप में पूजन सामग्री रखे सूप को कपड़े से ढंक कर नारियल, पांच प्रकार के फल व पूजन के सामान दोने में रखकर गंगा घाट पर सूर्योपासना करने के लिए पहुंची थीं।

पवित्रता बनी रहे इसके लिए परिवार के पुरुष सदस्य पूजन सामग्रियों को सिर पर रख कर महिलाओं के आगे-आगे चल रहे थे। गंगा घाटों पर पहुंची व्रती महिलाओं ने गंगा स्नान करने के बाद सूप में पूजन का सारा सामान रख अस्त होते भगवान भास्कर को गंगा जल व दूध से अर्घ्य दिया।

पूजन उपरांत व्रती महिलाएं पूजन सामग्रियों को दउरी में रख कर जलते हुए दीपक को लेकर अपने-अपने घरों को प्रस्थान किया।

उधर डाला छठ महापर्व पर सूर्य उपासना करने के लिए जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थित तालाबों और नदियों के किनारे पर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा।
विज्ञापन


सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने फल-फूल चढ़ाने के बाद भगवान भास्कर की आरती
भी किया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें