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Mirzapur News: जाम और डायवर्जन से जहां-तहां फंसे रहे लोग, किसी का राशन खत्म हो गया, किसी के पैसे

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मिर्जापुर। महाकुंभ के पलट प्रवाह चलते सोमवार को भी मिर्जापुर-प्रयागराज जाम की चपेट में रहा। घंटों वाहनों के पहिये थमे रहे। 24 घंटे में सवा चार लाख वाहन मिर्जापुर की सीमा से गुजरे। 80 से 10 किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को 12 घंटे लग गए।
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महाकुंभ से विंध्यधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। जाम लगने के कारण लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे। यातायात प्रभारी विपिन पांडेय ने बताया कि जिले की सड़कों से सवार चार लाख से ज्यादा वाहन 24 घंटे में गुजरे।
एसपी सोमेन बर्मा और एडीएम वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ल देर रात तक नटवा चौराहे पर यातायात संभालने में जुटे रहे। श्रद्धालुओं ने बताया कि जाम और रूट डायवर्जन के कारण यात्रा की अवधि बढ़ गई है। इससे किसी का राशन खत्म हो गया है तो किसी के पैसे। बताया कि 80 से 100 किलोमीटर का सफर तय करने में 10 से 12 घंटे लग गए। यही नहीं, संगम स्नान करने और वहां से विंध्याचल आने में दो से तीन दिन का समय लग गया। प्रयागराज में 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
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कई श्रद्धालुओं ने बताया कि संगम में स्नान और दर्शन-पूजन में आनंद तो मिला लेकिन उनका सफर पांच दिन लंबा खिंच गया। ऐसे में किसी के पैसे खत्म हो गए हैं तो किसी का राशन। अब जल्द से जल्द अपने घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
औरंगाबाद से परिवार के साथ आए अमृत लाल ने बताया कि पांच दिन की योजना बनाकर घर से निकले थे लेकिन 10 दिन गुजर चुके हैं। वहीं, 25-30 हजार रुपये खर्च हो गए हैं। यहां से काशी जाकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। बताया कि प्रयागराज से विंध्याचल पहुंचने में 10 घंटे लग गए।
झारखंड से आए अमर बहादुर ने बताया कि चार दिन पहले घर से प्रयागराज के लिए निकले थे। रविवार की रात त्रिवेणी में स्नान किया। वहां से विंध्याचल आने में आठ घंटे लग गए।
छत्तीसगढ़ से आए माता शरन ने बताया कि पिछले छह दिन पहले घर से निकले थे। अब तो हमारा राशन भी समाप्त हो गया है। घर से पैसा मंगाकर राशन खरीद रहे हैं। बताया कि प्रयागराज से विंध्याचल आने में करीब 12 घंटे लगे।
पश्चिम बंगाल से आए मोहन चटर्जी ने कहा कि इस तरह की भीड़ और जाम उन्होंने पहले नहीं देखा। छह दिनों से परिवार के साथ इसी तरह सफर कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही अनुभव बिहार के आरा से आए अवध बिहारी सिंह ने बताया।
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