देहात कोतवाली क्षेेत्र के करनपुर पहाड़ पर मलेट्री कैंप के सामने शनिवार की दोपहर 12 बजे ट्रक-स्कार्पियो की टक्कर में मिर्जापुर के परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र राय की मौत हो गई। वह विकास भवन से एक नवंबर को होने वाले मतगणना का जायजा लेने लालगंज ब्लाक पर जा रहे थे। जानकारी मिलते ही कमिश्नर, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सीडीओ समेत अन्य अधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंच गए। पुलिस ने परिवार के लोगों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही गाड़ी में रखे लाखों रुपये को भी बरामद कर लिया। ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया है।
इलाहाबाद जनपद के एलआईसी कालोनी टगौर टाऊन निवासी सुरेश चंद्र राय (56) पुत्र उमाशंकर सात सितंबर को मिर्जापुर में परियोजना निदेेशक के पद पर तैनात हुए थे। उनके पास लालगंज ब्लाक के बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार भी था। शनिवार को वह इलाहाबाद से सीधे विकास भवन पहुंचे और वहां कार्य देखने के बाद दोपहर करीब बारह बजे मतगणना की तैयारियों का जायजा लेने अपनी स्कार्पियो से लालगंज ब्लाक के लिए निकले। जैसे ही देहात कोतवाली क्षेत्र के करनपुर पहाड़ी पर मलेट्री कैंप के सामने पहुंचे कि लागलंज की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने दूसरे वाहन को ओवरटेक करने के चक्कर में सामने से टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए, इसी वाहन में फंसकर पीडी सुरेश चंद्र गंभीर रूप से घायल होकर तड़पने लगे। बैंक पर ड्यूटी कर रहे एक सिपाही ने तत्काल घटना से चौकी इंचार्ज करनपुर नरेंद्र कुमार को अवगत कराया। चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और आनन फानन में पीडी को वाहन से बाहर निकलवाकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन, सीडीओ अमित कुमार जिला चिकित्सालय पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह, कमिश्नर अनिल कुुमार, विकास भवन के अधिकारी समेत अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस के अधिकारी भी पहुुंचे। मूल रुप से इलाहाबाद जनपद थाना मांडा क्षेत्र के देवरी गांव निवासी सुरेश चंद्र राय के परिवार में एक बेटा तथा दो बेटी है। एक बेटी पुलिस अधिकारी है जबकि दामाद न्यायिक अधिकारी है। दूसरी बेटी व बेटा भी सरकारी नौकरी में कार्यरत है। परियोजना निदेशक दोनों पैर से विकलांग थे इसके बावजूद वाहन चलाते थे। शनिवार को भी खुद वाहन ड्राइव करके जा हरे थे।