ग्राम रोजगार सेवकों (पंचायत मित्रों) ने नियमितीकरण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा।
जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति वर्ष 2006 में पंचायती राज अधिनियम के तहत मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में हुई थी। बसपा सरकार ने पंचायत मित्र का पद नाम बदल कर ग्राम विकास विभाग में मर्ज कर दिया।
कृष्ण मुरारी यादव ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक विगत दस वर्षों से सुरक्षित भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संजय सोनकर ने कहा कि शिक्षामित्र और ग्राम रोजगार सेवकों के चयन और योग्यता संबंधी समान प्रक्रिया है।
कमलेश बिंद ने कहा कि भविष्य सुरक्षित करने के लिए ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा समय समय पर सम्मेलन, नुक्कड़ सभा और धरना प्रदर्शन भी किया गया है। राजेश विश्वकर्मा ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को शिक्षामित्र की तर्ज पर नियमितीकरण करने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी 23 फरवरी 2016 को गठित की गई है।
इस दौरान शिवशंकर यादव, राजेश विश्वकर्मा, मोहन कुमार, रमेश यादव, काशीराम सिंह, दशरथ, कमलेश मिश्रा, मनीष कुमार, मनोज कुमार सिंह, चंद्रमा प्रसाद, राजाराम के साथ ही काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।