मांगें मनवाने के लिए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने जाते पंचायती राज विभाग के कर्मचारी। अमर उजाला
पंचायत राज सेवा परिषद के तत्वावधान में पंचायतीराज विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने की मांग कर रहे हैं। पंचायती राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, शिक्षा विभाग, आपूर्ति विभाग, लघु सिंचाई और जल निगम को मुक्त कर मूल विभागीय नियंत्रण स्थापित करने की मांग की जा रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी चूरनराम जायसवाल ने कहा कि विभागों में समन्वय स्थापित करने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। इसके लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर आईएएस और वरिष्ठ पीसीएस संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती हो। एडीओ पंचायत ब्रहमचारी दूबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 92 एवं धारा 52 को अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू नहीं किया जाए।
एडीओ पंचायत रमेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी को लघुदंड देने का अधिकार जिला पंचायत राज अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी की चरित्र पंजिका लिखने का अधिकार सहायक विकास अधिकारी पंचायत को दिया जाए। विनोद मिश्र ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत एक लाख आठ हजार सफाई कर्मचारियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने की तत्काल व्यवस्था की जाए। एडीओ पंचायत विनोद कुमार ने कहा कि विभागीय कार्याें के कुशल और दक्षतापूर्ण संचालन के लिए क्षेत्र पंचायत स्तरीय स्वतंत्र कार्यालय स्थापित किया जाए। इस दौरान अरुण कुमार वर्मा, प्रभाशंकर आजाद, वीके सिंह, अरुण वर्मा, पीयूष दूबे, केके सिंह आदि रहे।