- 14 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, सेवा नियमावली, ऑनलाइन उपस्थिति और संसाधन उपलब्ध कराने की उठाई मांग
मिर्जापुर। जिले के 801 पंचायत सहायकों ने मानदेय वृद्धि समेत विभिन्न मांगों के लिए सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जुटे सहायकों ने मुख्यमंत्री और पंचायती राज निदेशक को संबोधित 14 सूत्रीय मांगपत्र डीपीआरओ को सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
जिलाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालयों के संचालन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उन्हें अब तक न तो स्पष्ट सेवा नियमावली मिली है और न ही कार्य के अनुरूप मानदेय व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पंचायत सहायकों में असंतोष बढ़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत सहायकों को वर्तमान 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। यह आज की महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। मानदेय को बढ़ाकर 30,000 रुपये किए जाने की मांग की। इसके अलावा कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने, पंचायत सहायकों के लिए अलग पोर्टल विकसित करने, ग्राम पंचायत सचिवालयों को मिनी सचिवालय के रूप में संचालित करने के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और स्टेशनरी के लिए अलग बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों का भार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई। इस दौरान जिला सचिव प्रमोद कुमार, रोहित कुमार, दीपक यादव, योगेश कुमार पटेल, अंजेश सोनकर, कमलेश बिंद समेत विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे।